स्वतंत्रता दिवस पर श्रमिकों के चेहरों पर दिखी संतुष्टि

 गडचिरोली - स्वतंत्रता दिवस का उत्सव केवल ध्वजारोहण और देशभक्ति कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए समाज के जरूरतमंद एवं मेहनतकश वर्ग के चेहरों पर खुशी लाने का अनूठा प्रयास अहेरी में किया गया। चंद्रपुर की प्रभात बहुउद्देशीय संस्था की ओर से आदिवासी एवं दुर्गम क्षेत्रों के मजदूरों के साथ ही अहेरी के निर्माण मजदूरों को कपड़े एवं टी-शर्ट वितरित कर स्वतंत्रता दिवस सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ मनाया गया।

भामरागढ़, अहेरी और एटापल्ली जैसे आदिवासी क्षेत्रों के कुछ मेहनतकश मजदूरों के साथ अहेरी शहर के निर्माण मजदूरों को भी इस अवसर पर कपड़े एवं टी-शर्ट वितरित किए गए। साथ ही जरूरतमंद नागरिकों को शर्ट का वितरण किया गया। उपस्थित लोगों को अल्पाहार एवं मिठाई भी बांटी गई। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम स्थल को आकर्षक गुब्बारों एवं सजावट से सजाया गया था, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और अपनत्व का माहौल बना रहा।
इस सामाजिक उपक्रम में जीवन धारा फाउंडेशन, अहेरी का भी सहयोग रहा। सामाजिक प्रतिबद्धता के तहत जरूरतमंद, मेहनतकश एवं वंचित वर्ग के लिए विभिन्न उपक्रम चलाने के उद्देश्य से फाउंडेशन ने इस कार्यक्रम में सहभागिता की। इससे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्थाओं के आपसी सहयोग का सुंदर उदाहरण अहेरी में देखने को मिला।
कार्यक्रम में प्राणहिता कैंप के सहायक पुलिस निरीक्षक स्वप्निल मुंढे प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मजदूरों से संवाद करते हुए उनकी सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन किया। विशेष रूप से निर्माण एवं मजदूरी के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने, अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने तथा मेहनतकश परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देकर उनका भविष्य उज्ज्वल बनाने का आह्वान उन्होंने किया।
अहेरी के सामाजिक कार्यकर्ता राजू भाऊ पडालवार ने भी कार्यक्रम में उपस्थित होकर संस्था के इस सामाजिक उपक्रम को सहयोग दिया। उन्होंने संस्था को कपड़े भेंट कर सामाजिक कार्य में अपना योगदान दिया।
सोहिल वाळके के मार्गदर्शन में आयोजित इस उपक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समाज के अंतिम व्यक्ति तक खुशी, सम्मान और अपनत्व पहुंचाने में है। मेहनतकश हाथों को सहारा देते हुए उनके चेहरों पर दिखाई दी संतुष्टि ही इस स्वतंत्रता दिवस उपक्रम की वास्तविक सफलता रही।
जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने वाले ऐसे सामाजिक उपक्रमों से समाज में मानवता, अपनत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना और अधिक मजबूत होती है, यह संदेश इस अवसर पर देखने को मिला।

रिपोर्टर - प्रशांत नामनवार 
 

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