घरकुल मामले में भ्रामक जानकारी देने का आरोप; ग्राम पंचायत एवं संबंधित पंचायत समिति कर्मचारियों को बचाने का प्रयास?
मुलचेरा/गडचिरोली : मुलचेरा तालुका अंतर्गत ग्राम पंचायत आंबटपल्ली के चिचेला गांव में घरकुल योजना से जुड़ा मामला अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। घरकुल योजना के लाभार्थी को लेकर अनियमितता का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता ने पूर्व में पंचायत समिति मुलचेरा एवं जिला परिषद गडचिरोली के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले से जुड़े दस्तावेज एवं वास्तविक निर्माण की जानकारी प्राप्त करने के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन किया गया।
शिकायतकर्ता मारोती नानाजी कोलावार, प्रचार प्रमुख, मुलचेरा तालुका – माहिती अधिकार कार्यकर्ता महासंघ महाराष्ट्र राज्य तथा जिलाध्यक्ष – भारतीय मानवाधिकार परिषद, नई दिल्ली एवं C NEWS BHARAT मुलचेरा, गडचिरोली प्रतिनिधि, ने RTI आवेदन के माध्यम से संबंधित घरकुल का नाम, मंजूरी क्रमांक एवं दिनांक, निर्माण स्थल के अक्षांश-देशांतर (Latitude-Longitude), जियो-टैग फोटो, निर्माण के प्रत्येक चरण के छायाचित्र, ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए गए फोटो, निर्माण स्थल का निरीक्षण करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के नाम एवं निरीक्षण रिपोर्ट तथा अंतिम किस्त से पूर्व की जांच रिपोर्ट सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी थीं।
RTI की जानकारी पर गंभीर सवाल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सूचना अधिकार आवेदन के जवाब में साईनाथ सालवे, विस्तार अधिकारी, पंचायत समिति मुलचेरा द्वारा दी गई जानकारी वास्तविक स्थिति से विसंगत एवं भ्रामक है। वास्तविक स्थिती जानबुजकर छुपायी जा रही है, वास्तव यह है कि संबंधित लाभार्थी का घरकुल मुलचेरा - ग्रामपंचायत विवेकानंदपूर में बनाया गया है
शिकायतकर्ता का कहना है कि RTI के माध्यम से मांगे गए महत्वपूर्ण दस्तावेजों के बजाय ऐसी जानकारी दी गई, जिससे मूल शिकायत में उठाए गए सवालों का समाधान नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की जानकारी के माध्यम से ग्राम पंचायत एवं ग्राम विकास आस्थापना से जुड़े संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को संरक्षण देने का प्रयास किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
आंबटपल्ली ग्राम पंचायत की सीमा से बाहर करीब 15 किलोमीटर दूर तालुका मुख्यालय क्षेत्र में निर्माण का आरोप।
शिकायत के अनुसार, मौजा चिचेला के लाभार्थी श्री गौतम नारायण दुर्गे के घरकुल को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। घरकुल निर्माण का वास्तविक स्थान, जियो-टैग फोटो, निर्माण की चरणबद्ध प्रगति तथा सरकारी निधि के वितरण में पारदर्शिता बरती गई है या नहीं, इसे लेकर शिकायतकर्ता ने सवाल उठाए हैं।
इस मामले में तत्कालीन ग्रामसेवक, सरपंच, उपसरपंच, ग्राम पंचायत सदस्य तथा संबंधित अभियंता की भूमिका की जांच करने की मांग भी की गई थी।
शिकायतकर्ता ने दोषी पाए जाने वाले अधिकारी एवं पदाधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, सरकारी निधि की वसूली तथा प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की है।
RTI की जानकारी और जमीनी हकीकत की होगी जांच?
शिकायतकर्ता का मुख्य आरोप है कि RTI के तहत मांगे गए जियो-टैग फोटो, अक्षांश-देशांतर, निरीक्षण रिपोर्ट, MB, मंजूरी दस्तावेज एवं निधि वितरण से संबंधित प्रमाणित दस्तावेज स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराए जाने चाहिए थे। उनका दावा है कि इसके बजाय गलत अथवा अपूर्ण जानकारी दी जा रही है।
यदि जांच में RTI के माध्यम से दी गई जानकारी गलत साबित होती है, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी या नहीं? क्या गलत जानकारी देकर संबंधित कर्मचारियों को बचाने का प्रयास किया गया है? इन सवालों की स्वतंत्र जांच की मांग शिकायतकर्ता ने की है।
अब वरिष्ठ अधिकारियों की जांच पर नजर
पूरे मामले में शिकायतकर्ता ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद गडचिरोली तथा खंड विकास अधिकारी, पंचायत समिति मुलचेरा से स्वतंत्र रूप से दस्तावेजों की जांच एवं प्रत्यक्ष स्थल निरीक्षण करने की मांग की है।
RTI में मांगे गए जियो-टैग फोटो और वास्तविक घरकुल स्थल, मंजूरी दस्तावेज, MB, निरीक्षण रिपोर्ट तथा निधि वितरण की सरकारी रिकॉर्ड से तकनीकी जांच की जाती है तो मामले की वास्तविकता सामने आने की संभावना है।
हालांकि, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी, जन सूचना अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। इसलिए जांच के दौरान उनका पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा।
शिकायतकर्ता का सवाल
“RTI का उद्देश्य पारदर्शिता और सही जानकारी उपलब्ध कराना है। यदि गलत अथवा भ्रामक जानकारी देकर संबंधित लोगों को बचाया जा रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?”
शिकायतकर्ता मारोती कोलावार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर तहसील कार्यालय मुलचेरा के सामने शांतिपूर्ण तरीके से धरना आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है।
रिपोर्टर : मारोती कोलावार
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