पर्लकोटा नदी में दुर्लभ ‘शार्क’ मछली की एंट्री से मचा हड़कंप!
गढ़चिरौली : भामरागढ़ तालुका मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर गोंडूरवाही गांव के पास बहने वाली पर्लकोटा नदी में बुधवार शाम एक विशाल शार्क जैसी मछली दिखाई देने से पूरे इलाके में खलबली मच गई। शाम करीब 4 बजकर 25 मिनट पर नदी के पानी में बड़े आकार की मछली तैरती दिखाई दी। देखते ही देखते इसकी खबर आसपास के गांवों में फैल गई और मछली को देखने के लिए नदी किनारे नागरिकों की भीड़ उमड़ पड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पानी की सतह के पास कुछ समय के लिए दिखाई देने वाली इस मछली की पीठ का ऊंचा हिस्सा और उसका आकार शार्क जैसा नजर आ रहा था। कुछ देर तक पानी में तैरने के बाद वह अचानक गहराई में चली गई और लोगों की नजरों से ओझल हो गई।
खबर फैलते ही नदी किनारे उमड़ा हुजूम
पर्लकोटा नदी में शार्क जैसी विशाल मछली दिखाई देने की खबर जंगल की आग की तरह फैलते ही गोंडूरवाही सहित आसपास के गांवों से लोग नदी किनारे पहुंचने लगे। हर कोई इस अनोखे जलचर की एक झलक पाने के लिए उत्सुक नजर आया। कुछ समय के लिए नदी किनारा लोगों की भीड़ से भर गया।
शार्क है या कोई और बड़ी मछली?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि नदी में दिखाई देने वाला जलचर वास्तव में शार्क है या फिर शार्क जैसा दिखने वाला कोई अन्य बड़ा जलीय जीव। अभी तक संबंधित विभाग की ओर से इसकी आधिकारिक पहचान नहीं की गई है। वन विभाग अथवा मत्स्य विभाग के अधिकारियों की जांच के बाद ही इसकी वास्तविक प्रजाति स्पष्ट हो सकेगी।
गोदावरी-प्राणहिता के रास्ते आने का अनुमान
स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चा है कि यह विशाल मछली सिरोंचा तालुका के सोमनूर स्थित गोदावरी-प्राणहिता-इंद्रावती त्रिवेणी संगम से जलप्रवाह के साथ पर्लकोटा नदी में पहुंची हो सकती है। हालांकि, इस दावे की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रहस्य ने बढ़ाई लोगों की उत्सुकता
मछली की एक झलक ने पूरे क्षेत्र में चर्चा को और तेज कर दिया है। आखिर यह जलचर कहां से आया? यह कौन-सी प्रजाति है? और पर्लकोटा नदी के इतने अंदर तक कैसे पहुंचा? इन सवालों को लेकर ग्रामीणों और नागरिकों में जबरदस्त कौतूहल बना हुआ है।
नदी में उतरने से बचें, अफवाहों पर न दें ध्यान
घटना को लेकर नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। लोगों को नदी में उतरकर मछली के करीब जाने या उसे पकड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए। साथ ही, आधिकारिक पुष्टि होने तक सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की गई है। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से तत्काल नदी क्षेत्र का निरीक्षण कर इस रहस्यमयी जलचर की पहचान करने की मांग की है।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम
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