छात्रों के शैक्षणिक नुकसान के खिलाफ युवाओं का एल्गार
गड़चिरोली : गड़चिरोली जिले के अहेरी तहसील अंतर्गत आलापल्ली स्थित राजे धर्मराव जूनियर कॉलेज में शिक्षकों के रिक्त पद, महत्वपूर्ण विषयों की नियमित कक्षाएं नहीं लगना तथा कॉलेज के समय में अचानक बदलाव से विद्यार्थियों के सामने गंभीर शैक्षणिक समस्याएं खड़ी हो गई हैं। विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित और उनके भविष्य को देखते हुए आलापल्ली के जागरूक युवाओं ने अब इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है।
गुरुवार को स्थानीय युवकों ने कॉलेज पहुंचकर प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा और विद्यार्थियों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की। युवाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आगामी 8 दिनों के भीतर ठोस समाधान नहीं किया गया तो कॉलेज में तालाबंदी कर आंदोलन किया जाएगा।
दो महीने बीते, महत्वपूर्ण विषयों की कक्षाएं शुरू नहीं
ज्ञापन में बताया गया है कि राजे धर्मराव जूनियर कॉलेज में शिक्षकों के कुल पांच पद रिक्त हैं। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए लगभग दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन कक्षा 11वीं और 12वीं के फिजिक्स तथा मैथेमेटिक्स जैसे महत्वपूर्ण विषयों की नियमित कक्षाएं अब तक शुरू नहीं होने का आरोप युवाओं ने लगाया है।
इसके अलावा मराठी और अंग्रेजी विषयों की कक्षाएं माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों द्वारा जूनियर कॉलेज में ली जा रही हैं। युवाओं का कहना है कि यह व्यवस्था विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है और नियमित शिक्षकों की नियुक्ति कर शिक्षा व्यवस्था तत्काल सुचारू की जानी चाहिए।
140 विद्यार्थियों का भविष्य अधर में
राजे धर्मराव जूनियर कॉलेज में करीब 140 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिनमें 11वीं कक्षा के नए विद्यार्थी और 12वीं कक्षा के महत्वपूर्ण शैक्षणिक वर्ष में पढ़ने वाले छात्र शामिल हैं।
12वीं कक्षा विद्यार्थियों के भविष्य और आगे की पढ़ाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे समय में फिजिक्स और मैथेमेटिक्स जैसे प्रमुख विषयों की कक्षाएं नियमित रूप से नहीं लगने से विद्यार्थियों का बड़ा शैक्षणिक नुकसान हो रहा है। युवाओं ने सवाल उठाया कि आखिर दो महीने बीत जाने के बाद भी विद्यार्थियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी कौन लेगा?
कॉलेज का समय बदलने से बाहरी गांवों के विद्यार्थियों की बढ़ी परेशानी
कॉलेज का समय पहले सुबह 7 बजे से 11 बजे तक था। लेकिन विद्यार्थियों को पर्याप्त पूर्वसूचना दिए बिना समय बदलकर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कर दिया गया।
इस बदलाव से दूरदराज और बाहरी गांवों से आने वाले विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ गई है। कॉलेज की छुट्टी के बाद कई विद्यार्थियों को समय पर अपने गांव लौटने के लिए बस सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती, जिससे उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
युवाओं ने विद्यार्थियों की सुविधा और परिवहन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कॉलेज का पुराना समय सुबह 7 से 11 बजे तक पुनः लागू करने की मांग की है।
“विद्यार्थियों की शिक्षा और अधिकारों के लिए युवा एकजुट”
इन गंभीर समस्याओं की जानकारी मिलने के बाद आलापल्ली के जागरूक युवाओं ने “विद्यार्थियों की शिक्षा और अधिकारों के लिए युवा एकजुट” की भूमिका के साथ इस आंदोलन की शुरुआत की है।
युवाओं ने कॉलेज प्रशासन से मांग की है कि—
- शिक्षकों के रिक्त पद तत्काल भरे जाएं।
- फिजिक्स और मैथेमेटिक्स सहित सभी महत्वपूर्ण विषयों की नियमित कक्षाएं शुरू की जाएं।
- विद्यार्थियों के शैक्षणिक नुकसान की भरपाई के लिए विशेष व्यवस्था की जाए।
- कॉलेज के बदले गए समय पर पुनर्विचार कर विद्यार्थियों के अनुकूल समय निर्धारित किया जाए।
8 दिन में समाधान नहीं तो कॉलेज में लगेगा ताला
ज्ञापन के माध्यम से युवाओं ने कॉलेज प्रशासन को 8 दिनों का स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है। युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर विद्यार्थियों की समस्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो राजे धर्मराव जूनियर कॉलेज में तालाबंदी कर तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
युवाओं की इस चेतावनी के बाद कॉलेज प्रशासन और संबंधित शिक्षा विभाग के सामने विद्यार्थियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को लेकर स्थानीय युवाओं द्वारा उठाई गई इस आवाज की पूरे आलापल्ली क्षेत्र में चर्चा हो रही है।
बड़ा सवाल—
जब शैक्षणिक सत्र के दो महीने बीत चुके हैं, तब भी महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई शुरू नहीं हुई तो विद्यार्थियों के हुए शैक्षणिक नुकसान की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
रिपोर्टर : संजय यमसलवार
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