ग्रामीणों के सवालों से पहले ही व्यवस्था हुई पस्त; गोमणी में ग्रामसभा पर लगा विराम
गडचिरोली : गोमणी ग्रामपंचायत में 20 अगस्त को आयोजित ग्रामसभा को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामसभा के लिए आवश्यक कोरम पूर्ण होने के बावजूद सभा की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी, क्योंकि ग्रामपंचायत प्रशासक जिजाबाई उमेश मडावी बैठक में उपस्थित नहीं थीं।
ग्रामीणों की ओर से ग्रामपंचायत के कामकाज और विभिन्न मुद्दों को लेकर सवाल पूछे जाने की तैयारी थी। लेकिन प्रशासक की अनुपस्थिति में इन सवालों के जवाब कौन देगा, यह स्पष्ट नहीं हो सका। परिणामस्वरूप ग्रामसभा को तहकूब करना पड़ा।
“सवाल पूछने वाले ग्रामीण मौजूद, जवाब देने वाला प्रशासन नदारद!”
ग्रामसभा के माध्यम से ग्रामीणों को अपने गांव के विकास कार्यों और ग्रामपंचायत के कामकाज पर सवाल पूछने का अधिकार है। ऐसे में सभा के दौरान जिम्मेदार अधिकारी की गैरहाजिरी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।
अब मांग की गई है कि अगले सात दिनों के भीतर ग्रामसभा दोबारा आयोजित की जाए तथा ग्रामपंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों में नोटिस लगाकर और हर गाव में दिवंडी देकर इसकी जानकारी पहले से दी जाए।
C NEWS BHARAT का सीधा सवाल
जब ग्रामीण सवाल पूछने के लिए ग्रामसभा में मौजूद थे, तो उनके सवालों का जवाब देने के लिए जिम्मेदार प्रशासन मौजूद क्यों नहीं था?
अब आगामी ग्रामसभा में ग्रामीणों के इन सवालों का जवाब मिलता है या फिर एक बार फिर सवालों पर ही पर्दा पड़ता है—इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
रिपोर्टर : मारोती कोलावार
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