कुष्ठांतेयों के सम्मान और प्रतिष्ठा के लिए ग्रामसभाओं में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
मुलचेरा/गडचिरोली : कुष्ठरोग को लेकर समाज में व्याप्त भय, गलत धारणाएं, सामाजिक कलंक और भेदभाव को दूर करने तथा कुष्ठांतेयों को सम्मान और प्रतिष्ठा के साथ जीवन जीने का अधिकार दिलाने के उद्देश्य से चंद्रपुर, गडचिरोली, गोंदिया, पालघर और नंदुरबार जिलों में विशेष जनजागृति एवं ग्रामस्तरीय अभियान चलाया जा रहा है।
सक्षम कुष्ठांतेय स्वाभिमानी संस्था, नागभीड एवं अलर्ट इंडिया, मुंबई के सहयोग से चलाए जा रहे इस अभियान को ग्रामसभाओं में उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिल रहा है। अब तक 250 से अधिक गांवों में ‘कुष्ठभयमुक्त एवं कुष्ठरोग भेदभावमुक्त ग्राम’ बनाने की शपथ ली जा चुकी है।
32 से अधिक ग्रामसभाओं में सर्वसम्मति से प्रस्ताव
इस वर्ष अगस्त माह में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित 32 से अधिक ग्रामसभाओं में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए गए। इन प्रस्तावों के माध्यम से गांव में किसी भी कुष्ठांतेय के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव, दुर्व्यवहार या सामाजिक बहिष्कार नहीं करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
ग्रामसभाओं में कुष्ठांतेयों ने रखी अपनी समस्याएं
अभियान के तहत कुष्ठांतेयों ने ग्रामसभाओं में सक्रिय सहभागिता दर्ज कराते हुए कुष्ठरोग के कारण परिवार, समाज और सार्वजनिक जीवन में उन्हें झेलनी पड़ने वाली भेदभाव की समस्याओं को ग्रामस्थों के सामने रखा।
इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों ने ग्रामस्थों में जनजागृति करते हुए बताया कि कुष्ठरोग उपचार से ठीक होने वाला रोग है। कुष्ठांतेय से दूर रहने अथवा उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव करने की आवश्यकता नहीं है। उचित उपचार एवं नियमित औषधोपचार से कुष्ठरोग पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
भेदभाव के खिलाफ ग्रामसभाओं का सामूहिक निर्धार
ग्रामसभाओं में पारित प्रस्तावों के अनुसार गांव में किसी भी कुष्ठांतेय के साथ कुष्ठरोग के कारण अथवा किसी अन्य कारण से भेदभाव नहीं किया जाएगा। कुष्ठांतेयों को परिवार, समाज और सार्वजनिक जीवन में समान अधिकार, सम्मान और प्रतिष्ठा मिले, इसके लिए ग्रामस्तर पर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
यदि गांव में कुष्ठरोग के कारण किसी कुष्ठांतेय के साथ भेदभाव या दुर्व्यवहार किए जाने की जानकारी सामने आती है, तो ग्राम पंचायत एवं तंटामुक्त समिति के माध्यम से मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ऐसी गारंटी भी प्रस्ताव के माध्यम से दी गई है।
गांव के प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे जनजागृति फलक
कुष्ठरोग को लेकर समाज में मौजूद भय और गलत धारणाओं को दूर करने के लिए गांव के प्रमुख एवं दर्शनीय स्थानों पर ‘यह गांव कुष्ठभयमुक्त एवं कुष्ठरोग भेदभावमुक्त है’ इस आशय के जनजागृति फलक लगाने का निर्णय भी ग्रामसभाओं में लिया गया है।
कुष्ठांतेयों को समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ शामिल करना, उनके प्रति सामाजिक कलंक दूर करना तथा ग्रामस्तर पर समानता और मानवीय प्रतिष्ठा का वातावरण तैयार करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
‘कुष्ठरोग से डर नहीं, भेदभाव नहीं; उपचार, स्वीकार और सम्मान चाहिए’, इस संदेश के साथ चंद्रपुर, गडचिरोली, गोंदिया, पालघर और नंदुरबार जिलों के गांवों में जनजागृति अभियान को गति दी जा रही है।
रिपोर्टर : मारोती कोलावार
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