एक्सलन्स साइंस अकादमी बारामती में शिक्षक दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया

बारामती - एक्सलन्स साइंस अकादमी, बारामती में शिक्षक दिवस अनोखे एवं प्रेरणादायी तरीके से बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि पूरे दिन अकादमी का शैक्षणिक एवं अन्य व्यवस्थापन संबंधी कामकाज विद्यार्थियों ने स्वयं संभाला। इस उपक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षक की जिम्मेदारियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।इस अवसर पर ज्ञानेश्वरी सालुंखे, वैष्णवी सुळ, मनाली कोकरे, प्रणिती सोनवणे, रविराज नाटू, ऋग्वेद गवळी, ओंकार कडू, निलेश इंगळे, भक्ती रणदिवे, अनुष्का थोरात, ओंकार चव्हाण, यश पवळ, प्रमोद चव्हाण, अथर्व गाढवे, स्मितज ताम्हणे एवं समृद्धी करचे इन 16 विद्यार्थियों ने शिक्षक की भूमिका निभाई। इन विद्यार्थियों ने आठवीं, नौवीं, दसवीं, ग्यारहवीं तथा बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के विभिन्न विषयों के पाठ लिए और कक्षा संचालन का अनुभव प्राप्त किया।

अकादमी के अन्य व्यवस्थापन कार्यों में आदित्य जाधव, सात्विक जगताप, ओंकार कडू एवं प्रमोद चव्हाण ने महत्वपूर्ण सहयोग किया। विद्यार्थियों ने पूरे दिन अकादमी की विभिन्न जिम्मेदारियां उत्साहपूर्वक निभाईं। कार्यक्रम का सूत्रसंचालन भक्ती रणदिवे एवं प्रणिती सोनवणे ने किया, जबकि मनाली कोकरे ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में राजकुमार जाधव सर, संचालक सरस्वती क्लासेस तथा जिलाध्यक्ष, प्रोफेशनल टीचर्स असोसिएशन, महाराष्ट्र राज्य, मांडवगण फराटा एवं श्री माने सर, वर्धमान विद्यालय, वालचंदनगर उपस्थित थे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अकादमी के संस्थापक अध्यक्ष प्राध्यापक गौरव गुंदेचा ने की। विद्यार्थियों को मार्गदर्शन करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार के उपक्रमों से विद्यार्थियों में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि स्टेज डेरिंग, मैनेजमेंट स्किल, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल एवं जिम्मेदारी की भावना जैसे विभिन्न गुणों का विकास होता है। इस अवसर पर प्राचार्य प्रकाश खोत सर एवं कॉर्डिनेटर रज्जाक शेख सर ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए इस अभिनव उपक्रम की सराहना की। विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष रूप से शिक्षक की भूमिका निभाने का अवसर मिलने से उन्हें शिक्षक के कार्य और जिम्मेदारियों को अधिक गहराई से समझने में मदद मिलती है।

इस अवसर पर श्रवणी कोकरे, ज्ञानेश्वरी सालुंखे एवं सिद्ध कदम इन तीनों छात्राओं ने शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है, इसके पीछे का इतिहास तथा भारत के महान शिक्षाविद और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन, कार्य एवं शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान की विस्तृत जानकारी अपने भाषण के माध्यम से विद्यार्थियों को दी। विद्यार्थियों द्वारा शिक्षक की भूमिका निभाने के इस अभिनव उपक्रम को उपस्थित मान्यवरों एवं विद्यार्थियों ने सराहा। पूरे दिन विद्यार्थियों द्वारा अकादमी की जिम्मेदारी संभालने से शिक्षक दिवस का आयोजन एक अनोखा, शैक्षणिक एवं अनुभवाधारित उपक्रम बन गया।

रिपोर्टर - गौरव हरिश्चंद्र 

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