गोदावरी नदी की बाढ़ से परेशान ग्रामीणों ने शिवसेना नेता संदीप कोरेत को सौंपा ज्ञापन; 100 से अधिक परिवारों के पुनर्वसन की मांग
गढ़चिरौली : गढ़चिरौली जिले के सिरोंचा तहसील में गोदावरी नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण हर वर्ष बाढ़ की गंभीर स्थिति उत्पन्न होती है। इससे प्रभावित ग्रामीणों ने अब केवल आश्वासन पर निर्भर रहने के बजाय *स्थायी पुनर्वसन की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है।* ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि **“अब आश्वासन नहीं, स्थायी पुनर्वसन चाहिए।
इसी मांग को लेकर ग्रामीणों की ओर से *शिवसेना अहेरी विधानसभा प्रमुख संदीप कोरेत* को ज्ञापन सौंपकर बाढ़ प्रभावित गांवों का सुरक्षित स्थान पर स्थायी पुनर्वसन करने की मांग की गई।
हर साल बाढ़ से बढ़ता है संकट
पावस के मौसम में गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गांव में बाढ़ की स्थिति निर्माण हो जाती है। बाढ़ का पानी घरों के साथ ही खेतों, पशुओं और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं को भी प्रभावित करता है। ग्रामीणों को हर वर्ष जान-माल के नुकसान का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार बाढ़ से राहत देने अथवा आश्वासन देने के बजाय सरकार को इस समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए। इसके लिए गांव का सर्वेक्षण कर सुरक्षित स्थान पर स्थायी पुनर्वसन की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
100 से अधिक घरों के पुनर्वसन की मांग
ज्ञापन में मुत्तापुर चेक तथा ग्राम पंचायत टेकड़ा मोटला परिसर के 100 से अधिक घरों के पुनर्वसन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने मांग की कि पुनर्वसन स्थल पर पक्के मकान, पेयजल, बिजली, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधा सहित सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
ग्रामीणों ने कहा कि लगातार बाढ़ की स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और पशुधन की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी रहती है। इसलिए प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव का तत्काल सर्वेक्षण कर पात्र परिवारों की सूची तैयार करने तथा पुनर्वसन के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन ने इस गंभीर समस्या की ओर तत्काल ध्यान नहीं दिया, तो ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से आगे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
इस दौरान गांव के पेडगू चंद्रम बकय्या, शिवाला सुमा मदनय्य, शिवाला मोहन बापू, लंगारी समय्या विष्णू, आप्पाजी साईकुमार गणपती, सैतु बापू नारायण, काटेला महेश मलय्या, निष्तुरी समय्या वेंकटी, अप्पाजी अशोक सांभय्या, बडा देवेंद्र समय्या, पिडगू रविंद्र चंद्रम, कुंदारपू निलय्या वेंकटी, काटेल देवेंद्र गणपती, शिवाला सत्यम मुतय्या, शिवाला दुर्गम बापू, काटेला दामोदर, सैतु गणपती रामय्या सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
गोलागुडम के ग्रामीण भी पुनर्वसन की मांग पर अड़े
हर वर्ष गोदावरी की बाढ़ में डूबता है गांव; संदीप कोरेत ने शासन स्तर पर पैरवी का दिया भरोसा
सिरोंचा तहसील के गोलागुडम गांव में भी हर वर्ष गोदावरी नदी की बाढ़ के कारण गंभीर स्थिति उत्पन्न होती है। बाढ़ के दौरान पूरा गांव प्रभावित होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गांव में *100 से अधिक घरों की बस्ती* होने के कारण पुनर्वसन का सवाल और भी गंभीर बन गया है।
ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर शिवसेना अहेरी विधानसभा प्रमुख *संदीप कोरेत* के समक्ष स्थायी पुनर्वसन की मांग रखी। कोरेत ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर इस मुद्दे को उठाने तथा गोलागुडम गांव के पुनर्वसन के लिए आवश्यक प्रयास करने का आश्वासन दिया।
ग्राम पंचायत का प्रस्ताव प्रशासन को सौंपा जाएगा
ग्रामीणों की मांग के अनुसार ग्राम पंचायत की ओर से आधिकारिक प्रस्ताव पारित कर संबंधित प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद पुनर्वसन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन के साथ लगातार संपर्क और आवश्यक पत्राचार किया जाएगा।
संदीप कोरेत ने कहा कि ग्रामीणों के *जीवन और सुरक्षा का सवाल* होने के कारण इस मुद्दे को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। जब तक प्रशासन की ओर से पुनर्वसन को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए जाएंगे।
ग्रामीणों को बाढ़ के खतरे में नहीं छोड़ा जाएगा”
संदीप कोरेत ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि गोदावरी नदी की बाढ़ से हर वर्ष उत्पन्न होने वाली समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है। गांव को बार-बार बाढ़ के पानी में डूबने की स्थिति से बचाने के लिए पुनर्वसन का मुद्दा पूरी ताकत से शासन के समक्ष रखा जाएगा।
रिपोर्टर : संजय यमसलवार
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