इंद्रावती नदी में छिपाकर रखा सागवान का जखीरा जब्त

गडचिरोली : पोला पर्व और गणेशोत्सव के दौरान लकड़ी की बढ़ती मांग तथा वन्यजीवों के अवैध शिकार की आशंका को देखते हुए सिरोंचा वन विभाग ने जंगलों में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। उपवनसंरक्षक एस. नवकिशोर रेड्डी ने सभी वन परिक्षेत्र अधिकारियों, वनपालों और वनरक्षकों को सतर्क रहते हुए 24 घंटे विशेष गश्त बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए हैं।

इसी अभियान के तहत असरेल्ली वन परिक्षेत्र की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर इंद्रावती नदी के पात्र में छिपाकर रखे गए सागवान के दो बड़े लट्ठे बरामद कर जब्त किए। वन विभाग की इस कार्रवाई से कथित लकड़ी तस्करों की योजना पर पानी फिर गया।

नदी के तेज बहाव और कीचड़ में उतरकर की गई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, नियतक्षेत्र पेंडलाया के कक्ष क्रमांक 348 में सागौन के दो बड़े लट्ठे पाए गए। आशंका जताई जा रही है कि तस्करों ने वन संपदा को छिपाने के उद्देश्य से लकड़ी के ओंडकों को नदी के बहते पानी और झाड़ियों की आड़ में रखा था।

गश्त के दौरान वन कर्मचारियों ने सतर्कता दिखाते हुए नदी में उतरकर तलाशी अभियान चलाया। कर्मचारियों ने कमर तक पानी और कीचड़ के बीच कड़ी मशक्कत कर छिपाए गए सागवान के लट्ठों को बाहर निकाला और सुरक्षित रूप से नदी के किनारे पहुंचाया।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

यह कार्रवाई सिरोंचा वन विभाग के उपवनसंरक्षक एस. नवकिशोर रेड्डी तथा उपविभागीय वनाधिकारी अक्षय मीना के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में की गई। असरेल्ली वन परिक्षेत्र अधिकारी शिवाजी पानगे के नेतृत्व में पातागुडम उपक्षेत्र की टीम ने इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

आरोपियों की तलाश तेज, कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

उपवनसंरक्षक के निर्देशानुसार पोला पर्व और गणेशोत्सव के दौरान वन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए वन कर्मचारी दिन-रात गश्त कर रहे हैं। सागवान की अवैध कटाई और तस्करी के मामले में संबंधित आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

वन विभाग की ओर से बताया गया कि आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत वन अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया की जाएगी। साथ ही, जंगलों से मूल्यवान सागौन की अवैध कटाई और तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम
 

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