एक ही सप्ताह में दो 22 वर्षीय युवक-युवती की मौत से दहशत; गंदगी, जलजमाव और कचरे के ढेर से बढ़ा मच्छरों का प्रकोप
गडचिरोली : सिरोंचा तहसील के आसरेल्ली और अंकिसा परिसर में डेंगू एवं टाइफाइड के बढ़ते प्रकोप ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब ग्रामीणों के अनुसार एक ही सप्ताह के भीतर डेंगू से दो 22 वर्षीय युवक-युवती की मौत हो गई। आसरेल्ली निवासी चंदु रामुलु कोनम (22) तथा लक्ष्मीदेवीपेठा निवासी स्वातिका वेंकटी जयाडी (22) की मौत की घटना से परिसर में भय का माहौल है। दोनों मौतों का डेंगू के कारण होने की बात कही जा रही है; इसकी आधिकारिक चिकित्सकीय पुष्टि संबंधित स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट से स्पष्ट होगी।
गांव में जगह-जगह जमा गंदगी, कचरे के ढेर, नालियों की समस्या और बारिश के पानी का लंबे समय तक जमा रहना बीमारी के खतरे को बढ़ा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते स्वच्छता और मच्छर नियंत्रण के प्रभावी उपाय नहीं किए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
गांव में गंदगी का साम्राज्य, मच्छरों का बढ़ता प्रकोप
आसरेल्ली में कई स्थानों पर सूखा और गीला कचरा जमा होने तथा नियमित कचरा उठाव की व्यवस्था प्रभावी नहीं होने की शिकायत ग्रामीणों ने की है। बारिश के बाद गांव के विभिन्न हिस्सों में गड्ढों और निचले स्थानों पर पानी जमा है।
लंबे समय तक जमा रहने वाले पानी से मच्छरों के पनपने की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नालियों और सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई नहीं होने से स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बीमारी से ग्रामीण परेशान, इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख
ग्रामीणों के अनुसार बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक अनेक लोग बुखार, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान हैं। डेंगू और टाइफाइड के संदिग्ध मरीजों को समय पर जांच एवं उपचार नहीं मिलने की शिकायत भी सामने आ रही है।
स्थानीय स्तर पर पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण कई मरीजों को इलाज के लिए तेलंगाना के मंचेरियाल, काताराम, भूपालपल्ली और वारंगल जैसे शहरों का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों के साथ उनके परिजनों पर भी आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
दो माह से सरकारी दवाखाने में डॉक्टर नहीं?
आसरेल्ली के सरकारी दवाखाने को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब दो महीने से दवाखाने में नियमित डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। ऐसे समय में जब परिसर में बुखार और डेंगू जैसी बीमारियों की शिकायतें बढ़ रही हैं, डॉक्टर की अनुपस्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर समस्या बन गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में ही डॉक्टर उपलब्ध रहने पर मरीजों की प्राथमिक जांच, आवश्यक रक्त जांच तथा समय पर उपचार अथवा रेफरल की सुविधा मिल सकती है। लेकिन डॉक्टर की नियमित अनुपस्थिति के कारण मरीजों को दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
सिर्फ सफाई नहीं, स्वास्थ्य विभाग की तत्काल निगरानी जरूरी
ग्रामीणों ने मांग की है कि आसरेल्ली और अंकिसा परिसर में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाए। बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच, डेंगू की आवश्यक जांच, टाइफाइड की जांच तथा संदिग्ध मरीजों की निगरानी तत्काल शुरू की जाए।
इसके साथ ही ग्राम पंचायत द्वारा गांव में विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर कचरे का तत्काल उठाव, नालियों की सफाई, जलजमाव वाले गड्ढों को भरना तथा मच्छर नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय किए जाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों की दो टूक मांग—स्थायी डॉक्टर नियुक्त करें
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से आसरेल्ली के सरकारी दवाखाने में स्थायी रूप से डॉक्टर की नियुक्ति करने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा केवल कागजों पर नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से आसरेल्ली और अंकिसा परिसर की वर्तमान स्वास्थ्य एवं स्वच्छता स्थिति का तत्काल जायजा लेने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि यदि डेंगू और टाइफाइड के मामलों में वास्तव में वृद्धि हुई है तो प्रशासन द्वारा बीमारी की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
मौतों के बाद भी नहीं चेता प्रशासन तो बढ़ सकती है परेशानी
एक ही सप्ताह में दो युवा मौतों की खबर से ग्रामीणों में भय का वातावरण है। ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी फैलने और मरीजों की संख्या बढ़ने का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को अभी से रोकथाम के ठोस कदम उठाने चाहिए।
आसरेल्ली और अंकिसा परिसर में तत्काल स्वच्छता अभियान, जलजमाव की समस्या का समाधान, मच्छर नियंत्रण, स्वास्थ्य जांच शिविर और सरकारी दवाखाने में स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति की मांग जोर पकड़ रही है।
अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि ग्राम पंचायत, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इस गंभीर स्थिति को कितनी तत्परता से लेते हैं और बीमारी की रोकथाम के लिए जमीन पर क्या कार्रवाई करते हैं।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम
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