शिक्षण उपसंचालक डॉ. माधुरी सावरकर ने स्कूलों में पहुंचकर परखी शिक्षा की गुणवत्ता

गडचिरोली : स्कूली शिक्षा विभाग के ‘चला शाळेला जाऊ या’ विशेष अभियान के तहत नागपुर विभाग की शिक्षण उपसंचालक डॉ. माधुरी सावरकर ने 22 एवं 23 सितंबर को गड़चिरोली जिले का दो दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दुर्गम एवं आदिवासी क्षेत्रों की विभिन्न शालाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण करते हुए विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, शिक्षण की गुणवत्ता तथा स्कूलों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली।

सुंदरनगर और आष्टी की स्कूलों का निरीक्षण

दौरे के पहले दिन 22 सितंबर को डॉ. माधुरी सावरकर ने मुलचेरा तहसील के सुंदरनगर, आष्टी सहित आसपास के विभिन्न स्कूलों का दौरा किया। उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया तथा उनके पठन, लेखन और गणितीय कौशल की जानकारी ली।

इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की उपस्थिति, स्कूलों में दिए जाने वाले पोषण आहार, डिजिटल शिक्षा व्यवस्था तथा शालेय परिसर और भौतिक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षकों से स्कूलों की शैक्षणिक स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक सुधारों के संबंध में मार्गदर्शन किया।

इंदाराम के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का जायजा

दौरे के दूसरे दिन 23 सितंबर को उन्होंने अहेरी तहसील के इंदाराम स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं की शैक्षणिक स्थिति के साथ ही छात्रावास, भोजन, निवास व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं की जानकारी ली।

डॉ. सावरकर ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी पढ़ाई तथा विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

नागेपल्ली में पांच तहसीलों की शैक्षणिक समीक्षा

इसके बाद नागेपल्ली (आलापल्ली) स्थित सेंट फ्रांसिस इंग्लिश मीडियम स्कूल में शिक्षण उपसंचालक डॉ. माधुरी सावरकर की अध्यक्षता में एक दिवसीय शैक्षणिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिला परिषद के माध्यमिक शिक्षणाधिकारी वासुदेव भुसे, प्राथमिक शिक्षणाधिकारी प्रेरक उजागरे तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्था (DIET), गड़चिरोली के प्राचार्य चापले प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

बैठक में अहेरी, सिरोंचा, भामरागड़, एटापल्ली और मुलचेरा इन पांच तहसीलों के गटशिक्षणाधिकारी, शिक्षा विस्तार अधिकारी, केंद्र प्रमुख, साधन व्यक्तियों (Resource Persons) तथा विभिन्न व्यवस्थापनों के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के मुख्याध्यापक बड़ी संख्या में शामिल हुए। इनमें आश्रमशालाओं और कॉन्वेंट स्कूलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

100 प्रतिशत नामांकन और स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति रोकने पर जोर

समीक्षा बैठक में डॉ. माधुरी सावरकर ने पांचों तहसीलों की शैक्षणिक प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने 100 प्रतिशत विद्यार्थियों का नामांकन, स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम करने तथा शासन की विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं एवं अभियानों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि दुर्गम एवं आदिवासी क्षेत्रों के प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना शिक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए पर्यवेक्षीय व्यवस्था, अधिकारी, शिक्षक और मुख्याध्यापक आपसी समन्वय के साथ सक्रियता से कार्य करें।

दक्षिण गड़चिरोली के शिक्षा क्षेत्र में बढ़ी सक्रियता

शिक्षण उपसंचालक के दो दिवसीय दौरे और पांच तहसीलों की समीक्षा बैठक के माध्यम से दुर्गम क्षेत्रों में स्कूलों की वास्तविक स्थिति, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति तथा उपलब्ध सुविधाओं की प्रत्यक्ष जानकारी प्रशासन तक पहुंची। इस दौरे से दक्षिण गड़चिरोली के शैक्षणिक क्षेत्र में स्कूल स्तर पर गुणवत्ता सुधार और प्रभावी शैक्षणिक क्रियान्वयन को लेकर नई सक्रियता देखने को मिली।

रिपोर्टर : संजय यमसलवार 
 

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