सुरजागढ़ परियोजना की ढुलाई पर स्थानीय ट्रक मालिकों का आर-पार का ऐलान; 1 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
गडचिरोली : सुरजागढ़ परियोजना की माल ढुलाई में स्थानीय ट्रक मालिकों को कथित रूप से नजरअंदाज कर बाहरी जिलों व राज्यों के वाहनों को प्राथमिकता दिए जाने के आरोप पर आलापल्ली ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
1 अक्टूबर से सुबह 10 बजे आष्टी के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर लिखित निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
1. स्थानीय ट्रक मालिकों को ढुलाई में प्रथम प्राथमिकता दी जाए।
2. स्थानीय वाहनों को नियमित और पर्याप्त लोडिंग उपलब्ध कराई जाए।
3. बाहरी जिलों व राज्यों के वाहनों से पहले स्थानीय वाहनों को काम दिया जाए।
4. बिचौलियों के बजाय स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को सीधे ढुलाई का काम दिया जाए।
5. कंपनी और स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के बीच लिखित समझौता किया जाए।
6. सुरजागढ़ परियोजना से जुड़े विभिन्न कार्यों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता से रोजगार दिया जाए।
7. वाहन मालिकों की आर्थिक समस्याओं और लंबित मामलों का तत्काल समाधान किया जाए।
8. स्थानीय शिकायतों के निपटारे के लिए कंपनी की ओर से जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त किया जाए।
एसोसिएशन का कहना है कि परियोजना से लंबे समय तक काम मिलने की उम्मीद में कई स्थानीय वाहन मालिकों ने कर्ज लेकर ट्रक खरीदे, लेकिन पर्याप्त काम नहीं मिलने से उन्हें बैंक किस्त, बीमा, रखरखाव और चालक वेतन का बोझ उठाना पड़ रहा है।
27 सितंबर को हुई चर्चा बेनतीजा रहने के बाद अब संगठन ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। मांगें लिखित रूप से स्वीकार नहीं होने पर कंपनी की माल ढुलाई के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है।
आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की बात एसोसिएशन ने कही है।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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