हालेवारा में केंद्रस्तरीय शिक्षा परिषद उत्साहपूर्वक संपन्न
गडचिरोली : एटापल्ली तहसील के कसनसूर केंद्र के अंतर्गत हालेवारा में केंद्रस्तरीय शिक्षा परिषद का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हालेवारा की उपसरपंच संध्याताई कन्नलवार ने की। प्रमुख अतिथि के रूप में बीआरसी एटापल्ली के श्री सूरज उत्तरवार, श्री नागमोते सर, श्री प्रवीण चन्नावार सर तथा श्री सचिन वाकडे सर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले एवं माता सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद उपस्थित मान्यवरों का शाल एवं श्रीफल देकर सत्कार किया गया।
शिक्षक पंजीयन एवं उद्घाटन के पश्चात शिक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन एवं प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। श्री सचिन वाकडे सर ने नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा एवं छात्रवृत्ति परीक्षा की तैयारी तथा विद्यार्थियों को सराव कराने के संबंध में उपयोगी मार्गदर्शन दिया। श्री नरोटे सर ने पिछली शिक्षा परिषद की कार्यवाही एवं इतिवृत्त प्रस्तुत किया।
निपुण भारत अभियान के अंतर्गत निपुण महाराष्ट्र, मूलभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान तथा कृती कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर श्री सूरज उत्तरवार एवं श्री भाग्यवान शेंडे ने विस्तृत जानकारी दी। वहीं लांडे सर ने पीजीआई एवं यू-डायस प्लस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी शिक्षकों के समक्ष रखी।
शैक्षणिक क्षेत्रभ्रमण की योजना तथा त्रैमासिक पालक सभा के आयोजन पर श्री सोमनाथ उतापते ने प्रस्तुतीकरण किया। विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए अपनाई जा सकने वाली विभिन्न पद्धतियों पर मोहुर्ले सर ने मार्गदर्शन किया। श्री बाबुराव गोटे ने शाला व्यवस्थापन समिति (एसएमसी) के पुनर्गठन एवं उसकी भूमिका के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसी क्रम में श्री निखिल बर्डे सर ने शैक्षणिक साहित्य के प्रभावी प्रबंधन एवं विद्यार्थियों के अध्ययन में उसके उपयोग को लेकर शिक्षकों के साथ कृतीयुक्त संवाद किया। श्री मुकेश धोंगडे सर ने समग्र प्रगति पत्रक (एचपीसी) के संबंध में जानकारी एवं प्रस्तुतीकरण किया। श्री रंजीत उंदीरवाडे ने डॉ. जयंत नारळीकर गणित एवं विज्ञान अध्ययन समृद्धि कार्यक्रम की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों में गणित एवं विज्ञान विषयों के प्रति रुचि विकसित करने पर प्रकाश डाला।
श्रीकृष्ण उरकुडे ने कक्षा तीसरी एवं चौथी में कार्यशिक्षण तथा कक्षा छठी में व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के महत्व पर मार्गदर्शन किया।
नव नियुक्त शिक्षकों का स्वागत
कार्यक्रम के दौरान पवित्र पोर्टल के माध्यम से कसनसूर केंद्र में नव नियुक्त होकर आए सभी शिक्षकों का मान्यवरों के हाथों शाल एवं श्रीफल देकर स्वागत एवं सत्कार किया गया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों ने शिक्षा क्षेत्र में बेहतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
ग्रामीण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर जोर
कार्यक्रम में श्री सूरज उत्तरवार ने कहा कि कसनसूर केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सभी शिक्षक एवं मुख्याध्यापक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में लगातार सुधार करने, केंद्र की सफलता की परंपरा को कायम रखने तथा कसनसूर केंद्र का शैक्षणिक नावलौकिक और मजबूत करने के लिए सभी शिक्षकों को सामूहिक रूप से प्रयास करने की आवश्यकता है।
उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान देने तथा बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुसार नवीन शिक्षण पद्धतियों का प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया।
हालेवारा स्कूल की टीम ने किया उत्कृष्ट नियोजन
शिक्षा परिषद के सफल आयोजन के लिए हालेवारा शाला के मुख्याध्यापक श्री बडा सर, कु. लक्ष्मी किरसान मैडम, विद्यालय के विद्यार्थियों तथा ग्रामस्थों ने उत्कृष्ट नियोजन किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन श्री रानू वाचामी सर ने किया, जबकि उपस्थित अतिथियों एवं सभी सहभागी शिक्षकों का आभार श्री सचिन वाकडे सर ने व्यक्त किया। अंत में वंदे मातरम् गीत के साथ शिक्षा परिषद का समापन किया गया।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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