विकास कार्य में बाधा किसकी? NH-63 पर अंकिसा के पास डामरीकरण ठप; सत्ताधारी नेताओं को लेकर चर्चाएं तेज

गडचिरोली : सिरोंचा तहसील के राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 63 पर पोचमपल्ली–पातागुडम मार्ग के डामरीकरण का काम अंकिसा गांव के पास पहुंचकर रुक जाने से क्षेत्र के नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई वर्षों से बदहाल इस मार्ग की मरम्मत शुरू होने से नागरिकों को राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन अंकिसा के आगे काम आगे नहीं बढ़ने से आखिर डामरीकरण किस कारण से रुका है, इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं।

इसी बीच, क्षेत्र में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि सिरोंचा तहसील के कुछ सत्ताधारी नेताओं की ओर से विकास कार्य में कथित रूप से बाधा उत्पन्न की जा रही है। हालांकि, इन चर्चाओं की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए आरोपों की सत्यता सामने लाने के लिए निष्पक्ष प्रशासनिक जांच कराने की मांग की गई है।

NH-63 क्षेत्र का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग

राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 63 सिरोंचा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग है। लंबे समय से सड़क की स्थिति खराब होने के कारण जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए थे। इससे वाहन चालकों, किसानों, व्यापारियों तथा आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

लंबे इंतजार के बाद सड़क मरम्मत का काम शुरू होने पर क्षेत्र के लोगों में संतोष का माहौल बना था। संबंधित ठेकेदार द्वारा कुछ दूरी तक काम किया गया और अंकिसा गांव तक डामरीकरण किए जाने की जानकारी निवेदन में दी गई है। लेकिन अंकिसा क्षेत्र के बाद काम रुक गया है। आगे सड़क निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में जीएसबी सामग्री और गिट्टी डाले जाने के बावजूद अंतिम डामरीकरण नहीं किया गया है।

सड़क की तैयारी पूरी, फिर डामरीकरण क्यों रुका?

अंकिसा से आगे सड़क निर्माण की प्राथमिक प्रक्रिया पूरी होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अंतिम डामरीकरण नहीं होने से नागरिकों में असमंजस की स्थिति है। आखिर काम किस कारण से रोका गया, इसका स्पष्ट जवाब संबंधित विभाग की ओर से सामने नहीं आया है।

निवेदन के अनुसार पिछले 15 से 20 दिनों से काम शुरू होने के बावजूद कार्य में रुकावट दिखाई दे रही है। नागरिकों ने मांग की है कि संबंधित विभाग केवल ठेकेदार से जानकारी लेने तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करे और काम रुकने के कारणों की जांच करे।

‘सत्ताधारी नेताओं का हस्तक्षेप?’—चर्चा ने पकड़ा जोर

काम रुकने के बाद क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विशेष रूप से स्थानीय सत्ताधारी राजनीतिक नेताओं द्वारा विकास कार्य में कथित रूप से हस्तक्षेप किए जाने की चर्चा नागरिकों के बीच चल रही है।

हालांकि, किसी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि के खिलाफ ठोस प्रमाण सामने आए बिना आरोपों को सत्य मानना उचित नहीं होगा। इसलिए इन चर्चाओं की वास्तविकता निष्पक्ष जांच के माध्यम से सामने लाने की मांग की गई है।

यदि जांच में किसी व्यक्ति, राजनीतिक समूह या अन्य तत्व द्वारा विकास कार्य में बाधा डालने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वहीं यदि इन चर्चाओं में कोई तथ्य नहीं है तो सड़क का काम रुकने के वास्तविक प्रशासनिक, तकनीकी अथवा ठेकेदारी संबंधी कारणों को भी नागरिकों के सामने स्पष्ट किया जाए।

धूल से नागरिक और दुकानदार परेशान होने की आशंका

पोचमपल्ली से पातागुडम मार्ग पर कई गांव बसे हुए हैं। सड़क के किनारे घर, दुकानें और विभिन्न व्यवसाय संचालित होते हैं। डामरीकरण अधूरा रहने तथा जीएसबी और गिट्टी वाले मार्ग से वाहनों की आवाजाही जारी रहने पर बड़ी मात्रा में धूल उड़ने की आशंका है।

इससे सड़क किनारे रहने वाले नागरिकों, दुकानदारों और वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। धूल के कारण लोगों के स्वास्थ्य तथा दुकानदारों के व्यवसाय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की चिंता व्यक्त की जा रही है।

‘विकास कार्य राजनीतिक विवाद की भेंट न चढ़े’

नागरिकों का कहना है कि सड़क, पुल, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य किसी भी राजनीतिक मतभेद अथवा स्थानीय विवाद के कारण प्रभावित नहीं होने चाहिए।

नागरिकों की प्राथमिक मांग यह है कि विकास कार्य में किसका हस्तक्षेप है, इससे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि काम आखिर क्यों रुका है। संबंधित प्रशासन को इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई हो, लेकिन बिना प्रमाण किसी व्यक्ति या संस्था पर आरोप न लगाया जाए।

अंकिसा से पातागुडम तक काम पूरा करने की मांग

पोचमपल्ली–पातागुडम मार्ग क्षेत्र के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण होने के कारण अंकिसा से आगे पातागुडम तक पूरे मार्ग का डामरीकरण तत्काल पूरा करने की मांग की गई है।

इसके साथ ही सड़क निर्माण में वास्तविक बाधा कहां और किस कारण से उत्पन्न हुई, ठेकेदार को काम पूरा करने में क्या समस्या है, कार्य की प्रशासनिक स्थिति क्या है तथा किसी बाहरी हस्तक्षेप की भूमिका है या नहीं—इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग जिलाधिकारी तथा सिरोंचा तहसीलदार से की गई है।

संबंधित विभाग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग

उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों के अनुसार सिरोंचा तहसील के NH-63 के संबंधित मार्ग के सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्यों का पूर्व में भी उल्लेख मिलता है। ऐसे में वर्तमान में रुके हुए कार्य की वास्तविक प्रशासनिक एवं तकनीकी स्थिति संबंधित राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा स्पष्ट किया जाना आवश्यक है। अब शासन और संबंधित विभाग इस मार्ग का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर अंकिसा से आगे डामरीकरण का काम कब शुरू करेंगे तथा सड़क निर्माण में कथित बाधा को लेकर चल रही चर्चाओं की वास्तविकता क्या है, इस पर पोचमपल्ली, अंकिसा, पातागुडम सहित आसपास के गांवों के नागरिकों की नजर बनी हुई है।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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