मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित अस्पताल पर रिक्त पदों का ग्रहण

गडचिरोली : गडचिरोली जिले के अहेरी स्थित महिला एवं बाल अस्पताल में रिक्त पदों की समस्या गंभीर होती जा रही है। दुर्गम और अतिदुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस अस्पताल का लोकार्पण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 8 नवंबर 2025 को किया था। हालांकि, लोकार्पण के बाद भी अस्पताल में नियमित पदों की भर्ती का मामला लंबित रहने से स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल में आवश्यक पदों को भरने की मांग को लेकर विधायक डॉ. धर्मराव बाबा आत्राम ने स्वास्थ्य विभाग को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में रिक्त पदों को भरने और प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों को वापस बुलाकर तैनात करने की कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 13 अक्टूबर को अस्पताल का दौरा कर वहां ताला जड़ेंगे।

 42 नियमित और 103 बाह्य स्रोत के पद मंजूर
 अहेरी के महिला एवं बाल अस्पताल में कुल 42 नियमित पद तथा बाह्य स्रोत के माध्यम से 103 पद मंजूर हैं। बताया जा रहा है कि बाह्य स्रोत से संबंधित पदों पर नियुक्तियां की गई हैं, लेकिन नियमित पदों को भरने का प्रश्न अब भी कायम है।
 इसके अलावा, कुछ अधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण अस्पताल में पर्याप्त मनुष्यबल उपलब्ध कराने की चुनौती बनी हुई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक कर्मचारियों की कमी से अस्पताल के कामकाज तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
 यह अस्पताल अहेरी, मुलचेरा, एटापल्ली, भामरागढ़ और सिरोंचा इन पांच तहसीलों के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में यहां पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक मनुष्यबल उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है।
 स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के बाद भी भर्ती का इंतजार
 बताया जाता है कि 13 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का प्रत्यक्ष दौरा कर निरीक्षण किया था। उस समय एक महीने के भीतर रिक्त पदों को भरने का आश्वासन दिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
 करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक अस्पताल का निर्माण और उसका लोकार्पण होने के बावजूद यदि आवश्यक डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होती, तो दुर्गम क्षेत्रों के मरीजों को अपेक्षित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ कैसे मिलेगा, यह सवाल नागरिकों द्वारा उठाया जा रहा है।
 विधायक आत्राम ने जिला शल्य चिकित्सक से की बात
अस्पताल में रिक्त पदों की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विधायक डॉ. धर्मराव बाबा आत्राम ने जिला शल्य चिकित्सक डॉ. गावंडे से मोबाइल फोन पर संपर्क किया। उन्होंने दो दिनों के भीतर रिक्त पदों को भरने तथा प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों को अस्पताल में उपस्थित कराने की मांग की।
विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे 13 अक्टूबर को अस्पताल पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे और ताला जड़ने का कदम उठाएंगे।
 पांच तहसीलों के नागरिकों का स्वास्थ्य दांव पर
माता एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से अहेरी का यह अस्पताल अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में पर्याप्त चिकित्सा अधिकारी, विशेषज्ञ डॉक्टर और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। अस्पताल में रिक्त पदों का मामला लंबित रहने से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।
अब विधायक धर्मराव बाबा आत्राम के अल्टीमेटम के बाद स्वास्थ्य विभाग क्या कदम उठाता है, रिक्त पदों की भर्ती कब तक पूरी होती है और प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित होती है या नहीं, इस पर अहेरी सहित पांचों तहसीलों के नागरिकों की निगाहें टिकी हुई हैं।

रिपोर्टर : संजय यमसलवार 
 

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