विधायक डॉ. धर्मराव बाबा आत्राम के अल्टीमेटम के बाद जागा स्वास्थ्य विभाग
गड़चिरोली : गड़चिरोली जिले के अहेरी स्थित महिला एवं बाल अस्पताल में रिक्त पदों का मुद्दा आखिरकार विधायक डॉ. धर्मराव बाबा आत्राम के अल्टीमेटम के बाद चर्चा में आया और स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। दो दिनों के भीतर आवश्यक पदों पर नियुक्तियां करने और प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए अधिकारी-कर्मचारियों को वापस बुलाने की मांग को लेकर विधायक द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के बाद जिला शल्य चिकित्सक डॉ. रवि गावंडे ने कुछ विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की है। साथ ही, प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों को वापस बुलाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद विधायक डॉ. आत्राम ने 13 अक्टूबर को अस्पताल में ताला लगाने का अपना निर्णय फिलहाल स्थगित कर दिया है।
42 स्वीकृत पदों में से 15 पद अब भी रिक्त
गड़चिरोली जिले के दक्षिणी हिस्से में रहने वाली गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अहेरी में करोड़ों रुपये की लागत से महिला एवं बाल अस्पताल का निर्माण किया गया है। हालांकि, अस्पताल में आवश्यक मानव संसाधन की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे थे।
उपलब्ध पदवार जानकारी के अनुसार, अस्पताल के लिए कुल 42 नियमित पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 27 पद भरे हुए हैं, जबकि 15 पद अभी भी रिक्त हैं। इनमें चिकित्सा अधिकारियों के साथ नर्स, बाल रोग परिचारिका, ब्लड बैंक तकनीशियन, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों के पद शामिल हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों 8 नवंबर 2025 को इस अस्पताल का लोकार्पण किया गया था। इसके बाद 13 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का प्रत्यक्ष दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था। उस दौरान एक महीने के भीतर रिक्त पदों को भरने का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई थी। इसके बावजूद कर्मचारियों की कमी का मुद्दा कायम रहने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे।
अल्टीमेटम के बाद स्वास्थ्य विभाग में तेज हुई हलचल
अस्पताल में रिक्त पदों को तत्काल भरने और प्रतिनियुक्ति पर अन्य स्थानों पर भेजे गए अधिकारी-कर्मचारियों को वापस बुलाने की मांग विधायक डॉ. धर्मराव बाबा आत्राम ने उठाई थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि दो दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 13 अक्टूबर को अस्पताल पहुंचकर ताला लगा देंगे।
विधायक की इस चेतावनी के बाद जिला शल्य चिकित्सक डॉ. रवि गावंडे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कुछ विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की। इसके साथ ही प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों को वापस बुलाने की कार्रवाई भी की गई।
जिला शल्य चिकित्सक ने विधायक डॉ. आत्राम से मुलाकात कर विभाग की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी दी। इसके बाद विधायक ने अस्पताल में ताला लगाने का निर्णय फिलहाल वापस ले लिया।
हालांकि, विधायक ने स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि शेष विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरे बिना यदि अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारियों को दोबारा प्रतिनियुक्ति पर भेजने का प्रयास किया गया, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञ डॉक्टरों के तीन पद भरने की प्रक्रिया जारी
जिला शल्य चिकित्सक डॉ. रवि गावंडे ने बताया कि अहेरी का महिला एवं बाल अस्पताल जिले के दक्षिणी क्षेत्र के नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दुर्गम एवं अतिदुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ एवं अन्य डॉक्टरों के कुल 16 स्वीकृत पदों में से 13 पद भरे जा चुके हैं, जबकि शेष तीन पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रतिक्रिया — डॉ. रवि गावंडे, जिला शल्य चिकित्सक, गड़चिरोली
जिले के दक्षिणी हिस्से के नागरिकों के लिए अहेरी का महिला एवं बाल अस्पताल महत्वपूर्ण है। दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक विशेषज्ञ डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञ एवं अन्य डॉक्टरों के 16 स्वीकृत पदों में से 13 पद भरे गए हैं और शेष तीन पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
रिपोर्टर : संजय यमसलवार

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