मेंढा हत्याकांड का खुलासा: गडचिरोली पुलिस ने 12 घंटे के भीतर दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, एक विधि संघर्षरत

गडचिरोली :  जिले के मौजा मेंढा क्षेत्र में हुई महिला हत्या की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए गडचिरोली पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक विधि संघर्षरत बालक को भी हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई स्थानीय अपराध शाखा और गडचिरोली पुलिस स्टेशन की संयुक्त टीम ने की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 मई 2026 की शाम मौजा मेंढा, तहसील एवं जिला गडचिरोली स्थित अक्षय भानारकर के घर में शामकला सुखदेव किरंगे (निवासी हिडदा, तहसील कुरखेड़ा) का शव संदिग्ध अवस्था में मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गडचिरोली पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 578/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के अंतर्गत हत्या का मामला दर्ज किया गया।
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक श्री एम. रमेश के मार्गदर्शन में उपविभागीय पुलिस अधिकारी श्री अनिकेत हिरडे के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई। स्थानीय अपराध शाखा और गडचिरोली पुलिस स्टेशन की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर जांच को तेजी से आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध सुदामा रामभाऊ चौधरी को चंद्रपुर से हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पुरानी रंजिश के चलते शामकला किरंगे की हत्या करना स्वीकार किया। इसके आधार पर पुलिस ने 10 मई को आरोपी सुदामा रामभाऊ चौधरी (33 वर्ष, निवासी शिरसगांव, तहसील संगमनेर, जिला अहिल्यानगर) तथा उसके साथी चेतन धर्माराव खोबरागड़े (निवासी इंदिरानगर, गडचिरोली) को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही एक विधि संघर्षरत बालक को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है, जबकि विधि संघर्षरत बालक को बाल न्याय मंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। मामले की आगे की जांच गडचिरोली पुलिस स्टेशन के पुलिस उपनिरीक्षक अतुल तराळे कर रहे हैं।
इस गंभीर हत्या प्रकरण का खुलासा केवल तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय जानकारी के आधार पर कर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक अरुण फेगड़े, सहायक पुलिस निरीक्षक भगतसिंह दुलत, गडचिरोली पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक विनोद चव्हाण, उपनिरीक्षक शिवाजी देशमुख, माधुरी मिसाळ, भावना राऊत सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस अधीक्षक श्री एम. रमेश ने पूरी जांच टीम की सराहना करते हुए उनके उत्कृष्ट कार्य की प्रशंसा की है।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम 


 

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