भामरागढ़ में ‘स्वामित्व योजना’ को रफ्तार; 10 गांवों का ड्रोन सर्वे पूरा

गडचिरोली - जिले के भामरागढ़ तहसील में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्वामित्व योजना’ को तेज़ी से लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में 3 अप्रैल 2026 को तहसील के 10 गांवों—कथलासूर, भटपर, हितलवारा, जुव्वी, दर्भा, मलेंगा, मर्दहूर, विसामुंडी, टेकला और गुंडुरवाही—का ड्रोन सर्वेक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इससे इन गांवों में रहने वाले नागरिकों को जल्द ही उनकी संपत्ति के मालिकाना हक की आधिकारिक सनद मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

भामरागढ़ जैसे पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र में अब हालात सामान्य होने लगे हैं, जिसका सीधा लाभ विकास कार्यों को मिल रहा है। जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा के विशेष प्रयासों और जिला अधीक्षक भूमि अभिलेख विजय भालेराव के मार्गदर्शन में यह सर्वेक्षण कार्य तेजी से पूरा किया गया। भूमि अभिलेख विभाग ने पुलिस विभाग के सहयोग से इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

भूमि अभिलेख विभाग के उप अधीक्षक विठ्ठल जाधव ने बताया कि बिनागुंडा, दामनमर्का और कुव्वाकोडी गांवों में भी पुलिस सुरक्षा की अनुमति मिलते ही ड्रोन सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
‘स्वामित्व योजना’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक ड्रोन तकनीक की मदद से जमीनों का सटीक मापन किया जा रहा है। इससे गांवठाण की संपत्तियों के डिजिटल नक्शे और रिकॉर्ड तैयार हो रहे हैं, जिससे भविष्य में जमीन से जुड़े विवादों में कमी आएगी। साथ ही, नागरिकों को उनकी संपत्ति का कानूनी प्रमाण मिलने से बैंक से ऋण प्राप्त करना भी आसान हो जाएगा।
भामरागढ़ जैसे दूरस्थ और पहले नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र में इस तरह की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन विकास की नई दिशा तय कर रहा है। ड्रोन तकनीक के उपयोग से पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे ग्रामीणों का शासन पर भरोसा भी मजबूत हो रहा है। सरकार की इस पहल से न केवल जमीन संबंधी विवादों का त्वरित समाधान संभव होगा, बल्कि संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया भी सरल और सुगम बनेगी। कुल मिलाकर,‘स्वामित्व योजना’ ग्रामीण विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

रिपोर्टर - संजय यमसलवार 

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