मूल–चामोर्शी रेलमार्ग की मांग को मिला नया वेग; मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान
गडचिरोली - जिले के औद्योगिक विस्तार, बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और धार्मिक पर्यटन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बहुप्रतीक्षित मूल–चामोर्शी रेलमार्ग की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती दिखाई दे रही है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर राज्य के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए संबंधित निवेदन को आगे की कार्यवाही हेतु परिवहन एवं बंदरगाह विभाग तथा गृह विभाग (विमानन) को प्रेषित किया है।
औद्योगिक विकास से बढ़ी रेल कनेक्टिविटी की आवश्यकता
चामोर्शी तालुका के भेंडाळा क्षेत्र में प्रस्तावित JSW Group प्रकल्प, कोनसरी स्थित लौह प्रसंस्करण इकाई तथा अन्य उभरते औद्योगिक प्रकल्पों के चलते क्षेत्र में माल परिवहन में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में सड़क मार्ग पर बढ़ते दबाव और दुर्घटनाओं की घटनाओं को देखते हुए स्थानीय नागरिकों एवं उद्योग जगत ने स्वतंत्र रेलमार्ग को अत्यावश्यक बताया है।
15 वर्षों से लगातार प्रयास, फिर भी प्रस्ताव लंबित
इस विषय को लेकर मार्कंडेश्वर बहुउद्देशीय सुशिक्षित बेरोजगार विकास संस्था के केंद्रीय अध्यक्ष श्रीमंत संतोष छबिलदास सुरपाम द्वारा वर्ष 2011 में (CMS 28404, दिनांक 14/04/2011) रेल मंत्रालय को पत्र भेजा गया था, जिस पर 20 अप्रैल 2011 को रेल सचिव स्तर पर कार्यवाही भी की गई थी। इसके बाद से लगातार राज्य और केंद्र स्तर पर पत्राचार एवं पाठपुरावा जारी है, लेकिन अब तक परियोजना को अंतिम स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
सुरक्षित और तेज परिवहन की बढ़ती मांग
जिले में कोयला, लोहा, निर्माण सामग्री तथा तैयार माल के परिवहन के लिए सुरक्षित, सस्ता और तेज विकल्प की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि रेलमार्ग के निर्माण से न केवल उद्योगों को गति मिलेगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आकर जनहानि पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
चामोर्शी के समीप स्थित प्रसिद्ध मार्कंडादेव तीर्थ क्षेत्र में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। रेल सुविधा उपलब्ध होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम होगी और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय का आधिकारिक जवाब मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि, “आपका ई-मेल इस कार्यालय को प्राप्त हुआ है और आवश्यक कार्यवाही हेतु परिवहन एवं बंदरगाह विभाग तथा गृह विभाग को प्रेषित कर दिया गया है।” सरकार से शीघ्र निर्णय की मांग श्रीमंत संतोष सुरपाम ने पुनः मांग करते हुए कहा है कि, “गडचिरोली जिले के सर्वांगीण विकास के लिए मूल–चामोर्शी रेलमार्ग को तत्काल मंजूरी दी जाए तथा प्रस्तावित उद्योगों के लिए रेल कनेक्टिविटी अनिवार्य की जाए।” जनता और संगठनों की उम्मीदें
जिले के औद्योगिक, सामाजिक और धार्मिक विकास की आधारशिला माने जा रहे इस परियोजना पर सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय ले, ऐसी अपेक्षा नागरिकों, उद्योगपतियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा व्यक्त की जा रही है।
संवाददाता : चंद्रशेखर पुलगम

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