‘नीट’ परीक्षा में AI के जरिए हाईटेक नकल; गडचिरोली में हड़कंप
गडचिरोली - महाराष्ट्र के गडचिरोली जिले में आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा के दौरान नकल का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक छात्र ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मोबाइल फोन की मदद से परीक्षा में हाईटेक तरीके से कॉपी की, जिससे परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मोबाइल से मंगाए जवाब, रंगेहाथ पकड़ा गया छात्र जानकारी के अनुसार, आरोपी छात्र परीक्षा केंद्र में छिपाकर मोबाइल फोन लेकर गया। परीक्षा के दौरान उसने उसी मोबाइल के माध्यम से बाहर से AI टूल की मदद से प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए और उन्हें उत्तर-पुस्तिका में लिखता रहा। परीक्षा के दौरान उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर निगरानी बढ़ाई गई, जिसके बाद जांच में पूरा मामला सामने आया और छात्र को रंगेहाथ पकड़ लिया गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल इस घटना ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं: परीक्षा केंद्र में मोबाइल कैसे पहुंचा? क्या तलाशी (फ्रिस्किंग) ठीक से नहीं हुई? क्या डिजिटल उपकरणों पर रोक प्रभावी नहीं थी? इन सवालों से साफ है कि सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां मौजूद हैं।
घटना के बाद आरोपी छात्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। पुलिस और प्रशासन इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इसमें किसी और की भूमिका तो नहीं है।
AI बना नकल का नया हथियार
पहले जहां नकल के लिए पर्चियां या बाहरी मदद ली जाती थी, वहीं अब AI और स्मार्टफोन के जरिए तुरंत जवाब हासिल किए जा रहे हैं। इससे नकल के तरीके और अधिक आधुनिक और खतरनाक हो गए हैं। यह स्थिति शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता के लिए खतरा बनती जा रही है। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले गडचिरोली में हाल ही में HSC परीक्षा में ChatGPT जैसे AI टूल के जरिए नकल के मामले सामने आए थे। इससे संकेत मिलता है कि यह एक बढ़ती प्रवृत्ति बन रही है।
विशेषज्ञों की चेतावनी - शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार: AI तकनीक उपयोगी है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल गंभीर परिणाम ला सकता है भविष्य में परीक्षा प्रणाली को जैमिंग सिस्टम, कड़ी निगरानी, और उन्नत डिजिटल सुरक्षा अपनानी होगी
गडचिरोली की यह घटना केवल एक नकल का मामला नहीं, बल्कि AI युग में परीक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है। समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हाईटेक नकल के मामलों पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो सकता है।
रिपोर्टर - चंद्रशेखर पुलगम

No Previous Comments found.