बारिश के मौसम में संपर्क कटने वाले गांवों के लिए दवाओं का ‘बफर स्टॉक’ रखें – कलेक्टर अविश्यांत पंडा

गडचिरोली - बारिश के मौसम में दुर्गम और संपर्क विहीन हो जाने वाले गांवों में किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दवाओं का ‘बफर स्टॉक’ पहले से तैयार रखा जाए, ऐसे निर्देश जिला कलेक्टर अविश्यांत पंडा ने दिए। वे जिला मलेरिया नियंत्रण क्रियान्वयन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। कलेक्टर पंडा ने कहा कि मानसून के दौरान कई गांवों का संपर्क टूट जाता है। ऐसी स्थिति में बुखार, दर्द निवारक दवाएं, पैरासिटामोल तथा जलजनित बीमारियों से संबंधित दवाएं उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। ओआरएस के पैकेट, जिंक टैबलेट और दस्त रोकने वाली दवाओं का पर्याप्त भंडारण किया जाए। साथ ही सर्पदंश और बिच्छू के काटने की घटनाओं के मद्देनजर एंटी-स्नेक वेनम (ASV) और एंटी-स्कॉर्पियन वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

दीर्घकालीन बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के लिए भी विशेष योजना बनाने की आवश्यकता पर उन्होंने बल दिया। मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए कम से कम छह महीने की दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बारिश के मौसम में कॉलरा और टायफाइड जैसी जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर ब्लीचिंग पाउडर का स्टॉक रखा जाए तथा घर-घर क्लोरीन टैबलेट का वितरण किया जाए।

जिन गांवों का संपर्क टूटने की संभावना है, वहां आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कर्मचारी मुख्यालय में ही मौजूद रहें, यह सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर स्कूल या सामुदायिक भवन में अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई जाए। गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल करते हुए, जिनकी डिलीवरी बारिश के दौरान संभावित है, उन्हें समय से पहले नजदीकी ग्रामीण या उपजिला अस्पताल में स्थानांतरित करने के लिए ‘वेटिंग रूम/डोली सेंटर’ की व्यवस्था की जाए।
डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए फॉगिंग और जलभराव नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी संक्रामक रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल ‘रैपिड रिस्पॉन्स टीम’ (RRT) को तैनात करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही दवाओं का भंडारण करते समय उनकी एक्सपायरी डेट अवश्य जांची जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में कोई परेशानी न हो।
इस बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रताप शिंदे, जिला सर्जन डॉ. वर्षा लहाड़े, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुजाता वढ़ीवे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

रिपोर्टर - चंद्रशेखर पुलगम 

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