आश्रमशाला में मौत का साया! सर्पदंश से तीन छात्राओं की मौत, प्रशासन में हड़कंप
गडचिरोली - धानोरा तहसील के जपतलाई स्थित अनुदानित आश्रमशाला में सर्पदंश की दर्दनाक घटना में तीन छात्राओं की मौत से पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। एक ही आश्रमशाला में तीन छात्राओं की जान जाने की घटना ने छात्रावासों और आश्रमशालाओं में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। घटना की जांच के लिए आदिवासी विकास आयुक्तालय, नाशिक और नागपुर की विशेष टीमें आज जपतलाई पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करेंगी। टीम द्वारा आश्रमशाला की सुरक्षा व्यवस्था, छात्राओं के निवास स्थान, सर्पदंश की परिस्थितियों तथा प्रबंधन की ओर से बरती गई सावधानियों की विस्तृत जांच की जाएगी।
तीन छात्राओं का उपचार जारी
सर्पदंश की घटना में प्रभावित अन्य तीन छात्राओं का उपचार जारी है। प्रशासन के अनुसार, उपचार के लिए पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम उपलब्ध है और तीनों उपचाराधीन छात्राओं को तत्काल सर्पदंश प्रतिरोधी दवा दी गई है। चिकित्सकीय दल उनकी हालत पर लगातार नजर रखे हुए है। जिलाधिकारी ने जिला शल्य चिकित्सक को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और छात्राओं की विशेष देखभाल सुनिश्चित की जाए। उनकी स्थिति में किसी भी प्रकार का बदलाव होने पर तत्काल आवश्यक चिकित्सा कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
जपतलाई की संबंधित आश्रमशाला अनुदानित है और उसे शासन की ओर से अनुदान प्राप्त होता है। ऐसे में आश्रमशाला में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित संस्था और प्रबंधन की है। अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि छात्राओं के रहने वाले परिसर में सर्पों से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए थे या नहीं? आश्रमशाला परिसर की नियमित साफ-सफाई और निगरानी होती थी या नहीं? विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं? इन सभी बिंदुओं की जांच की जाएगी।
लापरवाही मिली तो तय होगी जिम्मेदारी
आदिवासी विकास विभाग की जांच टीम घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आश्रमशाला प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से जानकारी हासिल करेगी। जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही, सुरक्षा संबंधी खामी या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधितों की जिम्मेदारी निश्चित कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सहपालकमंत्री आशीष जयसवाल ने जताया गहरा शोक
इस हृदयविदारक घटना पर जिले के सहपालकमंत्री एड. आशीष जयसवाल ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृत छात्राओं के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उपचाराधीन छात्राओं को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं। तीन मासूम छात्राओं की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, इस घटना के बाद आश्रमशालाओं में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है। अब सभी की निगाहें उच्चस्तरीय जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि यह हादसा महज एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना था या फिर सुरक्षा व्यवस्था में हुई किसी गंभीर चूक का परिणाम।
रिपोर्टर - चंद्रशेखर पुलगम
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