जपतलाई आश्रमशाला की घटना के बाद प्रशासन-पुलिस की तत्परता; GMC नागपुर में कराया जाएगा उपचार

गड़चिरोली - धानोरा तहसील के जपतलाई स्थित निवासी आश्रमशाला में सर्पदंश की गंभीर घटना सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग ने तत्परता दिखाते हुए गंभीर रूप से बीमार एक छात्रा को बेहतर उपचार के लिए हेलीकॉप्टर की मदद से नागपुर स्थित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMC) भेजा है। इस घटना में सर्पदंश से प्रभावित छह छात्राओं में से तीन की उपचार के दौरान दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो चुकी है, जबकि अन्य छात्राओं का उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार,10 अगस्त की तड़के जपतलाई निवासी आश्रमशाला के छात्रावास में कुछ छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद उन्हें तत्काल ग्रामीण अस्पताल, धानोरा में भर्ती कराया गया। हालत को देखते हुए कुछ छात्राओं को आगे के उपचार के लिए जिला सामान्य अस्पताल, गड़चिरोली रेफर किया गया।

उपचार के दौरान तीन छात्राओं की मौत हो गई। वहीं,अन्य तीन छात्राओं का जिला सामान्य अस्पताल में उपचार जारी था। इनमें से एक छात्रा की हालत गंभीर होने की जानकारी मिलने के बाद उसे बेहतर एवं अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तत्काल नागपुर रेफर करने का निर्णय लिया गया।

पुलिस-प्रशासन के समन्वय से ‘एयर लिफ्ट’ जिला प्रशासन और गड़चिरोली पुलिस दल के समन्वय से गंभीर छात्रा को हेलीकॉप्टर के माध्यम से नागपुर स्थित GMC अस्पताल पहुंचाया गया। छात्रा को उपचार में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल की गईं। नागपुर के अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस अस्पताल में छात्रा का आगे का उपचार किया जाएगा। चिकित्सकों द्वारा उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

सर्पदंश की घटनाओं को लेकर सावधानी बरतने की अपील

घटना के बाद गड़चिरोली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने नागरिकों और विद्यार्थियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए सभी नागरिकों और विद्यार्थियों को आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश की स्थिति में किसी भी तरह की अंधविश्वास या झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें और समय बर्बाद किए बिना तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार लें। समय पर उपचार मिलने से सर्पदंश के मामलों में जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

रिपोर्टर - चंद्रशेखर पुलगम

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