अहेरी–सिरोंचा मार्ग पर मेलाराम के पास चौंकाने वाली घटना; चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
गड़चिरोली - तहसील मुख्यालय से महज 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित देवलमरी ग्राम पंचायत में सरपंच की मनमानी और पद के खुले दुरुपयोग का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। देवलमरी ग्राम पंचायत के सरपंच लक्ष्मण कन्नाके पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ग्राम पंचायत के स्वामित्व वाली सरकारी इमारत में ही निजी स्वामित्व का ‘कृषि केंद्र’ संचालित करने का आरोप सामने आया है। इस पूरे मामले से अहेरी तहसील में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, देवलमरी ग्राम पंचायत के स्वामित्व वाली एक सरकारी इमारत में कुछ वर्ष पहले ‘बैंक ऑफ महाराष्ट्र’ की शाखा संचालित होती थी। हालांकि,किसी कारणवश करीब 2 से 3 वर्ष पहले बैंक की यह शाखा यहां से बंद हो गई। बैंक बंद होने के बाद यह सरकारी कमरा खाली पड़ा था। इससे पहले इस कमरे को किसी भी निजी व्यक्ति अथवा निजी कार्य के लिए उपयोग करने की अनुमति नहीं दी गई थी।
लेकिन आरोप है कि सरपंच लक्ष्मण कन्नाके ने सभी नियमों को ताक पर रखते हुए इस सरकारी इमारत का अपने निजी उपयोग के लिए कब्जा कर लिया और वहां अपना निजी कृषि केंद्र शुरू कर दिया। विशेष रूप से— न ग्रामसभा की अनुमति: सरकारी इमारत में कृषि केंद्र शुरू करने के लिए ग्रामसभा अथवा संबंधित प्रशासन से किसी प्रकार की आधिकारिक अनुमति लिए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।
सरकारी राजस्व को नुकसान : इमारत के उपयोग के बदले सरपंच द्वारा ग्राम पंचायत को किसी प्रकार का किराया अथवा आर्थिक मोबदला दिए जाने की भी जानकारी नहीं है। एक जनप्रतिनिधि द्वारा सरकारी संपत्ति का कथित रूप से निजी लाभ के लिए उपयोग किए जाने से गांव में भारी आक्रोश फैल गया है और तरह-तरह की चर्चाओं को भी बल मिला है।
तेंदू नीलामी हो या खरीदी; कथित अनियमितताओं की श्रृंखला! देवलमरी ग्राम पंचायत में सरपंच पर लगे ये आरोप पहली बार सामने नहीं आए हैं। इससे पहले भी उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए जा चुके हैं।
1. तेंदू नीलामी में मनमानी : करीब 2 से 3 महीने पहले सरपंच द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गांव में तेंदू नीलामी प्रक्रिया संचालित किए जाने का आरोप लगा था। इस मामले में ग्रामीणों ने सीधे गट विकास अधिकारी (BDO), पंचायत समिति,अहेरी के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
2. सामग्री खरीदी एवं निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार : ग्रामीणों में यह भी चर्चा है कि अपने कार्यकाल के दौरान सरपंच ने मनमाने तरीके से ग्राम पंचायत में सामग्री खरीदी तथा विभिन्न विकास कार्यों के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
ग्रामीणों की जांच की मांग; आंदोलन की चेतावनी!
सरकारी संपत्ति के कथित दुरुपयोग, सामग्री खरीदी में कथित भ्रष्टाचार और लगातार मनमानी के आरोपों से देवलमरी के नागरिकों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने सरपंच के पूरे कार्यकाल के दौरान हुई सामग्री खरीदी तथा निर्माण कार्यों की गहन जांच कर दोषी पाए जाने पर तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग उठाई है। इस गंभीर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता राकेश तोकला ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है—
“सरपंच लक्ष्मण कन्नाके लगातार अपने पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। सरकारी इमारत पर कब्जा कर अपना निजी व्यवसाय चलाना प्रशासन और जनता का सीधा अपमान है। इस पूरे मामले में प्रशासन ने आगामी 7 दिनों के भीतर आपराधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की, तो देवलमरी के ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से तीव्र आंदोलन किया जाएगा। इससे उत्पन्न होने वाली कानून एवं व्यवस्था की स्थिति के लिए प्रशासन ही जिम्मेदार रहेगा।” राकेश तोकला, सामाजिक कार्यकर्ता, देवलमरी अब इस पूरे कथित अवैध कार्यप्रणाली पर अहेरी पंचायत समिति के गट विकास अधिकारी एवं वरिष्ठ प्रशासन क्या कार्रवाई करते हैं,सरपंच के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होता है या फिर उन्हें संरक्षण दिया जाता है,इस ओर पूरे तहसील की नजरें लगी हुई हैं।
रिपोर्टर – प्रशांत नामनवार
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