गडचिरोली के विकास को मिलेगी नई दिशा! स्वतंत्र क्षेत्रीय नियोजन मंडल की स्थापना

गडचिरोली - तेजी से हो रहे औद्योगिकीकरण, बढ़ती बुनियादी सुविधाओं और भविष्य की विकास आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने संपूर्ण गडचिरोली राजस्व जिले को शामिल करते हुए स्वतंत्र ‘गडचिरोली प्रदेश’ घोषित किया है। इस प्रदेश में भूमि उपयोग, औद्योगिक विस्तार, शहरीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विकास की योजना बनाने के लिए ‘गडचिरोली क्षेत्रीय नियोजन मंडल’ का गठन किया गया है। नगर विकास विभाग ने 10 अगस्त 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इस मंडल के अध्यक्ष जिलाधिकारी अविषांत पंडा होंगे। मुख्यमंत्री तथा गडचिरोली जिले के पालकमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना के तहत जिले के दीर्घकालीन और सुनियोजित विकास को गति देने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

औद्योगिक विकास के साथ नागरिक सुविधाओं की योजना

गडचिरोली जिले में बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास की प्रक्रिया शुरू है। आने वाले समय में उद्योगों के साथ-साथ आवासीय बस्तियों, व्यावसायिक क्षेत्रों, सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक सुविधाओं, सड़कों, बायपास मार्गों, परिवहन व्यवस्था तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता तेजी से बढ़ने की संभावना है।

इस पृष्ठभूमि में भविष्य के भूमि उपयोग का वैज्ञानिक, व्यापक और दीर्घकालीन नियोजन आवश्यक हो गया है। नई क्षेत्रीय योजना के तहत विभिन्न स्तरों पर सर्वेक्षण कर जिले की वास्तविक स्थिति का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही ‘ग्रोथ सेंटर’ प्रस्तावित कर तहसील स्तर पर विकास को गति देने की संकल्पना है।

तीन दशक से अधिक पुरानी नियोजन व्यवस्था का विकल्प

गडचिरोली जिले के गठन से पहले यह क्षेत्र चंद्रपुर-बल्लारपुर क्षेत्रीय नियोजन व्यवस्था का हिस्सा था। चंद्रपुर-बल्लारपुर प्रदेश की घोषणा 1 मई 1979 को की गई थी। इसके बाद 23 मार्च 1981 को क्षेत्रीय योजना मंडल की स्थापना हुई। 26 अगस्त 1982 को चंद्रपुर और गडचिरोली जिलों का विभाजन हुआ, लेकिन गडचिरोली का क्षेत्र पुरानी चंद्रपुर-बल्लारपुर क्षेत्रीय योजना में ही बना रहा। यह योजना 18 नवंबर 1991 को मंजूर हुई और 1 फरवरी 1992 से लागू की गई। पिछले तीन दशकों में गडचिरोली के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास का स्वरूप काफी बदल चुका है। इसलिए बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वतंत्र और भविष्यदर्शी क्षेत्रीय योजना तैयार करने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

भूमि के वास्तविक उपयोग और पुरानी अभिलेखों का होगा अध्ययन

जिलाधिकारी अविषांत पंडा ने बताया कि पुरानी क्षेत्रीय योजना में गडचिरोली जिले के अधिकांश हिस्से को वन विभाग के क्षेत्र के रूप में दर्शाया गया है। हालांकि, इनमें से कुछ जमीनें वास्तविक रूप से निजी तथा कृषि उपयोग में होने की बात सामने आई है। वहीं दूसरी ओर जिले में औद्योगिक विकास तेजी से हो रहा है और आने वाले समय में इसके और विस्तार की संभावना है। इसलिए उद्योगों के साथ आवास, वाणिज्यिक क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाएं, परिवहन, सड़कें और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी समुचित योजना बनाना आवश्यक है। स्वतंत्र क्षेत्रीय नियोजन मंडल के माध्यम से जिले की वास्तविक परिस्थितियों का अध्ययन कर भूमि उपयोग और भविष्य के विकास को अधिक समन्वित एवं सुनियोजित तरीके से निर्धारित किया जा सकेगा।

विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को मंडल में स्थान

नवगठित गडचिरोली क्षेत्रीय नियोजन मंडल को व्यापक प्रतिनिधित्व दिया गया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नगर रचना विभाग के प्रतिनिधि, जिला परिषद अध्यक्ष, गडचिरोली नगर परिषद अध्यक्ष, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय प्रमुख, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक तथा नगर रचना एवं नियोजन क्षेत्र के विशेषज्ञों को मंडल में शामिल किया गया है। विधान परिषद सदस्य अभिजीत गोविंदराव वंजारी और विधानसभा सदस्य डॉ. मिलिंद रामजी नरोटे को भी मंडल में शामिल किया गया है। सहायक संचालक, नगर रचना, गडचिरोली मंडल के सचिव के रूप में कार्य करेंगे।

जिला प्रशासन भवन में होगा मंडल का कार्यालय

गडचिरोली क्षेत्रीय नियोजन मंडल का कार्यालय जिलाधिकारी कार्यालय परिसर स्थित जिला प्रशासन भवन, बराक क्रमांक 2 में सहायक संचालक, नगर रचना, गडचिरोली के शाखा कार्यालय में रहेगा।

‘ग्रोथ सेंटर’ से तहसील स्तर पर विकास को मिलेगी गति

स्वतंत्र क्षेत्रीय नियोजन मंडल की स्थापना से गडचिरोली के बदलते आर्थिक और औद्योगिक स्वरूप के अनुरूप उद्योग, भूमि उपयोग, शहरीकरण,परिवहन,सड़कें,सार्वजनिक सुविधाएं तथा अन्य बुनियादी विकास का एकीकृत प्रारूप तैयार करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। औद्योगिक प्रगति के साथ ग्रामीण और शहरी विकास में संतुलन बनाए रखना, भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भूमि उपयोग निर्धारित करना तथा प्रत्येक तहसील के विकास को गति देना क्षेत्रीय योजना की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

विशेष रूप से प्रस्तावित ग्रोथ सेंटर के माध्यम से तहसील स्तर पर विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। गडचिरोली की बदलती विकास आवश्यकताओं के अनुरूप स्वतंत्र नियोजन मंडल की स्थापना से जिले के औद्योगिक,शहरी और ग्रामीण विकास को दीर्घकालीन एवं सुनियोजित दिशा मिलने की संभावना मजबूत हुई है।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम
 

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