आश्रमशालाओं में पत्रकारों के प्रवेश पर पूर्व अनुमति की शर्त में ढील की मांग

गड़चिरोली - अहेरी तहसील में संचालित शासकीय एवं अनुदानित आश्रमशालाओं तथा शासकीय आदिवासी छात्रावासों में पत्रकारों और विभिन्न प्रसारमाध्यमों के प्रतिनिधियों के प्रवेश के लिए लागू की गई पूर्व अनुमति की अनिवार्य शर्त पर पुनर्विचार करने और उसमें आवश्यक ढील देने की मांग अहेरी तहसील वॉइस ऑफ मीडिया पत्रकार संगठन ने की है। इस संबंध में संगठन की ओर से अहेरी के परियोजना अधिकारी अमर राऊत को ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक पागे,सचिव पंकज नौनुरवार,अमोल कोलपाकवार,प्रशांत रागीवार,संजय यमसलवार,सेवा पवार,राजू आत्राम सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

ज्ञापन में संगठन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा, गोपनीयता तथा स्कूल और छात्रावास परिसर में अनुशासन बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण होने की बात स्वीकार की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के नाम पर पत्रकारों एवं प्रसारमाध्यमों द्वारा किए जाने वाले नियमित, निष्पक्ष और जनहित से जुड़े समाचार संकलन में अनावश्यक बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।

तात्कालिक घटनाओं के कवरेज में आ सकती है परेशानी

वॉइस ऑफ मीडिया पत्रकार संगठन के अनुसार, वर्तमान में लागू पूर्व अनुमति की शर्त के कारण पत्रकारों को आश्रमशालाओं या छात्रावासों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर वस्तुनिष्ठ समाचार तैयार करने के लिए हर बार पहले अनुमति लेनी पड़ सकती है। इससे किसी तात्कालिक घटना, विद्यार्थियों की समस्याओं, दुर्घटना, स्वास्थ्य संबंधी मामलों तथा भोजन, पेयजल और निवास व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों के समय पर कवरेज में बाधा आ सकती है।

संगठन ने मांग की है कि जनहित से जुड़े समाचारों के लिए पत्रकारों को स्वतंत्र, सुगम और स्पष्ट प्रवेश व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। विशेष रूप से आपातकालीन और तात्कालिक घटनाओं के कवरेज के मामले में पूर्व अनुमति की शर्त में आवश्यक ढील दी जाए, ताकि पत्रकार समय पर मौके की जानकारी प्राप्त कर सकें।

स्पष्ट नियमावली बनाने की भी मांग

ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि विद्यार्थियों की गोपनीयता और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए पत्रकारों को वस्तुनिष्ठ जानकारी प्राप्त करने की सुविधा दी जाए। साथ ही, किन परिस्थितियों में पत्रकारों या प्रसारमाध्यम प्रतिनिधियों को प्रवेश देने से इनकार किया जा सकता है, इसे लेकर स्पष्ट नियमावली सार्वजनिक की जाए। यदि पूर्व अनुमति की प्रक्रिया आवश्यक हो तो उसे सरल, समयबद्ध और पारदर्शी बनाया जाए। तात्कालिक पत्रकारिता और आपातकालीन परिस्थितियों के लिए अलग से एक संपर्क अधिकारी अथवा विशेष दूरभाष क्रमांक उपलब्ध कराने की मांग भी संगठन ने की है, जिससे पत्रकारों को समय पर आवश्यक जानकारी और समन्वय मिल सके।

विद्यार्थियों की गोपनीयता के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग

संगठन ने विद्यार्थियों के फोटो, वीडियो अथवा व्यक्तिगत जानकारी के प्रकाशन और प्रसारण को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। पत्रकार संगठन का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और गोपनीयता का संरक्षण करते हुए जनहित के मुद्दों पर निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए आवश्यक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। ज्ञापन में कहा गया है कि आश्रमशालाओं और छात्रावासों में शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, निवास व्यवस्था, सुरक्षा और शैक्षणिक सुविधाओं सहित विभिन्न मूलभूत समस्याओं को प्रशासन के संज्ञान में लाने में प्रसारमाध्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में पत्रकारों के समाचार संकलन के अधिकार और विद्यार्थियों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई ज्ञापन की प्रतियां

वॉइस ऑफ मीडिया पत्रकार संगठन,अहेरी तहसील ने वर्तमान व्यवस्था पर पुनर्विचार कर आवश्यक सुधार करने तथा जनहित के समाचारों के लिए पत्रकारों को सुगम प्रवेश सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। इस ज्ञापन की प्रतियां महाराष्ट्र शासन के आदिवासी विकास विभाग के मंत्री,आदिवासी विकास आयुक्त, गड़चिरोली के जिलाधिकारी,अहेरी के अपर जिलाधिकारी तथा उपविभागीय अधिकारी को भी भेजी गई हैं।

रिपोर्टर - संजय यमसलवार 

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