मोसम स्वास्थ्य केंद्र पर कुत्तों का डेरा; स्वास्थ्य सेविकाओं की गैरहाजिरी से ग्रामीण परेशान

गड़चिरोली : जिले के अहेरी तहसील अंतर्गत कमलापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आने वाले मोसम गांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में साफ-सफाई का अभाव होने के साथ ही आवारा कुत्तों का खुलेआम घूमना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। वहीं, स्वास्थ्य सेविकाओं की नियमित उपस्थिति नहीं होने की शिकायत के कारण ग्रामीणों को समय पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।

तीन गांवों के ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा पर निर्भर मोसम स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत मोसम, नंदिगांव और झिमेला इन तीन गांवों का समावेश है। बताया जाता है कि स्वास्थ्य केंद्र में दो स्वास्थ्य सेविकाएं (नर्स) तथा एक एमपीडब्ल्यू कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण तीनों गांवों के नागरिकों को उपचार एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्र में स्थित होने के कारण स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ही प्राथमिक उपचार का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र में नियमित कर्मचारी उपलब्ध नहीं रहने से मरीजों को अन्य स्थानों पर उपचार के लिए जाना पड़ता है।

स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्वच्छता का अभाव मोसम स्वास्थ्य केंद्र परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं होने की शिकायत है। परिसर में आवारा कुत्तों का लगातार घूमना स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले केंद्र में ही इस तरह की स्थिति होने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र परिसर की नियमित साफ-सफाई कराने, आवारा कुत्तों के वावर पर नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय करने तथा स्वास्थ्य केंद्र में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

स्वास्थ्य सेविकाओं की नियमित उपस्थिति की मांग ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि मरीजों को समय पर प्राथमिक उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। प्रशासन द्वारा इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की मांग की जा रही है। इस संबंध में देवलमरी ग्राम पंचायत सदस्य सालय्या कंबलवार ने तीखी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोसम स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं को तत्काल दूर किया जाना चाहिए और ग्रामीणों को नियमित एवं उचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, “यदि मोसम की स्वास्थ्य सेविकाएं स्थानीय स्तर पर रहकर ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं करा रही हैं, तो प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़े। स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए।” समस्या दूर नहीं हुई तो तालाबंदी की चेतावनी ग्राम पंचायत सदस्य सालय्या कंबलवार ने चेतावनी दी कि यदि मोसम स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया और ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगाने जैसा आंदोलनात्मक कदम उठाया जा सकता है। अब स्वास्थ्य विभाग और संबंधित प्रशासन मोसम स्वास्थ्य केंद्र की स्वच्छता, कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति तथा आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है, इस ओर मोसम, नंदिगांव और झिमेला गांवों के ग्रामीणों का ध्यान लगा हुआ है।

रिपोर्टर : संजय यमसलवार 
 

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