10 नग और 1.83 घनमीटर लकड़ी बरामद; एक महीने में करीब 9 घनमीटर सागवान पर कार्रवाई

गडचिरोली - सागवान तस्करों के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई का शिकंजा और कस दिया है। पातागुडम में कार्रवाई के महज एक सप्ताह बाद अब कोपेला के घने जंगल में वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 नग सागवान की लकड़ी जब्त की है। जब्त लकड़ी की मात्रा 1.83 घनमीटर तथा अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 17 हजार रुपये बताई गई है।

 गुप्त सूचना मिलते ही जंगल में उतरी टीम

11 सितंबर को पातागुडम क्षेत्र में इंद्रावती नदी किनारे सागवान के लट्ठे जब्त किए जाने के बाद वन विभाग ने जंगल में निगरानी बढ़ा दी थी। इसी दौरान कोपेला क्षेत्र में सागवान की लकड़ी छिपाकर रखे जाने की गुप्त सूचना वन विभाग को मिली।सूचना मिलते ही असरेल्ली के वनपरिक्षेत्र अधिकारी शिवाजी पानगे ने क्षेत्र सहायक सी.बी. गेडाम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

कक्ष क्रमांक 298 में छापेमारी

सी.बी. गेडाम के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने उपक्षेत्र कोपेला, नियत क्षेत्र कोपेला-1 के कक्ष क्रमांक 298 में घने जंगल के भीतर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान 10 नग सागवान की लकड़ी, कुल 1.83 घनमीटर, बरामद हुई। वन विभाग के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 17 हजार रुपये है।

एक महीने में करीब 10 लाख के सागवान पर कार्रवाई

असरेल्ली वनपरिक्षेत्र में पिछले एक महीने के दौरान विभिन्न स्थानों पर की गई कार्रवाई में करीब 9 घनमीटर सागवान की लकड़ी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है। लगातार हो रही कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि वन विभाग ने अवैध वृक्षतोड़ और सागवान तस्करी के खिलाफ जंगलों में निगरानी बढ़ा दी है।

मच्छरों का प्रकोप, तेज गर्मी और दुर्गम जंगल—फिर भी गश्त जारी

घने जंगल, तेज गर्मी और मच्छरों के भारी प्रकोप के बावजूद वन कर्मचारियों ने दुर्गम वन क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी रखा। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में सागवान का साठा खोजकर जब्त किया गया। परिवार पर डेंगू का संकट, फिर भी कार्रवाई से जुड़े रहे अधिकारी असरल्ली के वनपरिक्षेत्र अधिकारी शिवाजी पानगे के परिवार के एक सदस्य का डेंगू के उपचार के लिए मंचेरियाल, तेलंगाना के अस्पताल में उपचार चल रहा है। इस पारिवारिक परिस्थिति के बीच भी पानगे ने कार्रवाई से संपर्क बनाए रखा और क्षेत्र सहायक गेडाम तथा वन टीम को दूरभाष के माध्यम से मार्गदर्शन दिया। उनके मार्गदर्शन में कार्रवाई पूरी की गई।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

कार्रवाई सिरोंचा वन विभाग के उपवनसंरक्षक एस. नवकिशोर रेड्डी और उपविभागीय वनाधिकारी अक्षय मीना के मार्गदर्शन में तथा असरल्ली के वनपरिक्षेत्र अधिकारी शिवाजी पानगे के नेतृत्व में की गई। क्षेत्र सहायक सी.बी. गेडाम सहित वन कर्मचारियों और वन मजदूरों ने कार्रवाई में सहभागिता की।

भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला

मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जब्त लकड़ी से संबंधित आरोपियों की तलाश और मामले की आगे की जांच वन विभाग द्वारा की जा रही है।

जंगल में बढ़ी निगरानी, तस्करों पर कार्रवाई की तलवार

पोला और गणेशोत्सव की पृष्ठभूमि में वन विभाग ने जंगलों में गश्त और निगरानी और कड़ी करने के निर्देश दिए हैं। अवैध वृक्षतोड़,सागवान तस्करी और वन्यजीव शिकार जैसी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पातागुडम के बाद कोपेला में लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई ने वन विभाग की सक्रियता को सामने ला दिया है। दुर्गम जंगलों में भी वन विभाग की टीमों की गश्त जारी रहने से अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

रिपोर्टर  — चंद्रशेखर पुलगम

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