मोयाबिनपेठा ग्राम पंचायत का मामला; शिकायतकर्ता ने गट विकास अधिकारी को सौंपा स्मरणपत्र
गडचिरोली - जिले की सिरोंचा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत मोयाबिनपेठा में वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान किए गए विकास कार्यों, निधि के उपयोग और खर्चों की जांच की मांग उठाई गई है। शिकायतकर्ता संतोष चंद्रय्या चंदावार ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के सरपंच, प्रभारी सरपंच और ग्रामसेवक के कथित गैरव्यवहार एवं भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में उन्होंने पंचायत समिति सिरोंचा के गट विकास अधिकारी को स्मरणपत्र सौंपकर पूर्व में दिए गए आश्वासन पर अमल करने की मांग की है।
स्मरणपत्र के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 26 जनवरी 2026 को ग्रामीणों की उपस्थिति में सरपंच एवं सचिव को निवेदन दिया था। इसके बाद 12 मई 2026 को संबंधित मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू किया गया। शिकायत में ग्राम पंचायत के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों, निधि के उपयोग, खर्चों तथा नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने इन मामलों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
आश्वासन के बाद अनशन स्थगित
शिकायतकर्ता के अनुसार, अनशन के दौरान उपविभागीय पुलिस अधिकारी के माध्यम से संदेश मिला कि गट विकास अधिकारी को कुछ दिन का समय दिया जाए। इसके बाद गट विकास अधिकारी ने 20 मई 2026 को ग्रामसभा आयोजित कर मांगों पर कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया। इस आश्वासन के आधार पर अनशन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया। हालांकि, 20 मई को आयोजित ग्रामसभा कोरम पूरा नहीं होने के कारण रद्द कर दी गई। इसके बाद 5 जून 2026 को पुनः ग्रामसभा आयोजित करने की सूचना दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निर्धारित तारीख पर गट विकास अधिकारी उपस्थित नहीं हुए और विस्तार अधिकारी की उपस्थिति के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं हो सका।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्मरणपत्र में शिकायतकर्ता ने मांग की है कि ग्राम पंचायत में संबंधित अवधि के विकास कार्यों, निधि के आवंटन एवं खर्चों की निष्पग्राम पंचायत के कार्यों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग, आश्वासन पर अमल नहीं होने का आरोप मोयाबिनपेठा ग्राम पंचायत का मामला; शिकायतकर्ता ने गट विकास अधिकारी को सौंपा स्मरणपत्र
गडचिरोली जिले की सिरोंचा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत मोयाबिनपेठा में वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान किए गए विकास कार्यों, निधि के उपयोग और खर्चों की जांच की मांग उठाई गई है। शिकायतकर्ता संतोष चंद्रय्या चंदावार ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के सरपंच, प्रभारी सरपंच और ग्रामसेवक के कथित गैरव्यवहार एवं भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में उन्होंने पंचायत समिति सिरोंचा के गट विकास अधिकारी को स्मरणपत्र सौंपकर पूर्व में दिए गए आश्वासन पर अमल करने की मांग की है।
स्मरणपत्र के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 26 जनवरी 2026 को ग्रामीणों की उपस्थिति में सरपंच एवं सचिव को निवेदन दिया था। इसके बाद 12 मई 2026 को संबंधित मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू किया गया। शिकायत में ग्राम पंचायत के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों, निधि के उपयोग, खर्चों तथा नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने इन मामलों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
आश्वासन के बाद अनशन स्थगित
शिकायतकर्ता के अनुसार, अनशन के दौरान उपविभागीय पुलिस अधिकारी के माध्यम से संदेश मिला कि गट विकास अधिकारी को कुछ दिन का समय दिया जाए। इसके बाद गट विकास अधिकारी ने 20 मई 2026 को ग्रामसभा आयोजित कर मांगों पर कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया। इस आश्वासन के आधार पर अनशन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया। हालांकि, 20 मई को आयोजित ग्रामसभा कोरम पूरा नहीं होने के कारण रद्द कर दी गई। इसके बाद 5 जून 2026 को पुनः ग्रामसभा आयोजित करने की सूचना दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निर्धारित तारीख पर गट विकास अधिकारी उपस्थित नहीं हुए और विस्तार अधिकारी की उपस्थिति के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं हो सका।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्मरणपत्र में शिकायतकर्ता ने मांग की है कि ग्राम पंचायत में संबंधित अवधि के विकास कार्यों, निधि के आवंटन एवं खर्चों की निष्पक्ष जांच की जाए। कथित अनियमितताओं की पुष्टि होने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निपटारा किया जाए।
रिपोर्टर - चंद्रशेखर पुलगम

No Previous Comments found.