हेडरी के लॉयड्स अस्पताल में सर्पदंश से गंभीर महिला की बचाई जान

गडचिरोली - जिले के एटापल्ली तहसील अंतर्गत हेडरी स्थित लॉयड्स काली अम्माल मेमोरियल अस्पताल (LKAMH) के डॉक्टरों की टीम ने समय पर उपचार और उन्नत गहन चिकित्सा के माध्यम से सर्पदंश से गंभीर रूप से पीड़ित 34 वर्षीय महिला की जान बचाने में सफलता हासिल की है। खेत में काम करते समय महिला के बाएं पैर में सांप ने काट लिया था। इसके बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी और उसे श्वसन विफलता के साथ किडनी संबंधी गंभीर जटिलताओं का सामना करना पड़ा। अस्पताल में 12 दिनों तक उपचार चला, जिसमें 10 दिन गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में रखकर इलाज किया गया। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद 16 अक्टूबर 2026 को महिला को स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

यह मामला सर्पदंश के बाद समय पर अस्पताल पहुंचने, गंभीर लक्षणों की तत्काल पहचान और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता के महत्व को उजागर करता है।

सांप काटने के 30 से 45 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचाया

जानकारी के अनुसार, 4 अक्टूबर 2026 को खेत में काम करते समय महिला को सांप ने काट लिया था। घटना के बाद परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे हेडरी स्थित लॉयड्स काली अम्माल मेमोरियल अस्पताल के आपातकालीन विभाग में पहुंचाया। घटना के लगभग 30 से 45 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचने के कारण डॉक्टरों को समय रहते उपचार शुरू करने का अवसर मिला। अस्पताल पहुंचने पर महिला के काटे गए स्थान पर सूजन, पलकों का झुकना, तेज सांस चलना और चेतना के स्तर में गंभीर गिरावट जैसे लक्षण दिखाई दिए। डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उपचार शुरू किया।

श्वसन विफलता का खतरा, तत्काल वेंटिलेटर पर रखा

महिला में सर्पविष के न्यूरोपैरालिटिक प्रभाव के कारण सांस लेने की क्षमता प्रभावित होने का गंभीर खतरा था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टरों ने तत्काल उसकी श्वसन नली सुरक्षित की और इंट्यूबेशन के बाद मैकेनिकल वेंटिलेशन शुरू किया। इसके साथ ही महिला को एंटी-स्नेक वेनम (सर्पविषरोधी दवा) तथा एट्रोपिन-नियोस्टिग्मिन उपचार दिया गया। बेहतर चिकित्सा प्रबंधन और लगातार निगरानी के लिए उसे गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया गया। महिला को चार दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया। उपचार के दौरान उसकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ। चिकित्सकीय आकलन के बाद उसे सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटाया गया और उसकी श्वसन नली निकाल दी गई।

किडनी संबंधी जटिलताओं के कारण छह दिन तक अतिरिक्त निगरानी

उपचार के दौरान महिला में किडनी संबंधी जटिलता यानी नेफ्रोपैथी विकसित हो गई। इसके कारण उसके पूरे शरीर में सूजन आ गई, जिससे उपचार और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया। डॉक्टरों की टीम ने किडनी की कार्यक्षमता, शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन और महिला की समग्र स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी। इस जटिलता के प्रबंधन के लिए छह दिनों तक अतिरिक्त गहन चिकित्सा और देखभाल की आवश्यकता पड़ी। समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप, उचित उपचार और निरंतर निगरानी के परिणामस्वरूप महिला के शरीर की सूजन धीरे-धीरे कम हुई और उसकी स्थिति में लगातार सुधार हुआ। कुल 12 दिनों के उपचार के बाद उसे स्थिर स्वास्थ्य स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

प्रबंध निदेशक बी. प्रभाकरन ने डॉक्टरों की टीम को दी बधाई

मरीज के सफल उपचार पर लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री बी. प्रभाकरन ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि गंभीर सर्पदंश जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। मरीज की गंभीर स्थिति को तुरंत पहचानकर बिना देरी के जीवनरक्षक उपचार शुरू करना डॉक्टरों की तत्परता, दक्षता और समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने मरीज के परिजनों की भी सराहना की, जिन्होंने पारंपरिक उपचार या झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता लेने का निर्णय लिया।

श्री प्रभाकरन ने कहा कि लॉयड्स काली अम्माल मेमोरियल अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और क्रिटिकल केयर सुविधाओं को लेकर उन्हें संतोष है। उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों को समय पर, उचित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने यह भी कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गंभीर चिकित्सा आपात स्थितियों के दौरान अपने क्षेत्र के निकट ही आवश्यक उपचार मिलना बेहद महत्वपूर्ण है।

सर्पदंश में देरी पड़ सकती है भारी, डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह

अस्पताल प्रबंधन ने नागरिकों से अपील की है कि सांप के काटने की आशंका होने पर व्यक्ति को तत्काल नजदीकी उपयुक्त चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में पहुंचाएं। शुरुआत में लक्षण दिखाई नहीं देने पर भी चिकित्सकीय जांच में देरी नहीं करनी चाहिए। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ मामलों में सांप के काटने पर शरीर में विष प्रवेश नहीं करता, जिसे ड्राई बाइट कहा जाता है। हालांकि, चिकित्सकीय जांच के बिना यह तय करना संभव नहीं है कि सर्पदंश विषैला है या नहीं। विषैले सर्पदंश के मामलों में उपचार में देरी होने पर सांस लेने वाली मांसपेशियों में लकवा, रक्तस्राव संबंधी विकार, किडनी फेल होने और मृत्यु तक का खतरा हो सकता है। इसलिए झाड़-फूंक या अन्य पारंपरिक उपायों के कारण अस्पताल पहुंचने में देरी नहीं करनी चाहिए।

सर्पदंश की स्थिति में मरीज को शांत रखें, अनावश्यक रूप से चलने-फिरने न दें और प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें। काटे गए स्थान पर चीरा लगाने, विष चूसने या कसकर रस्सी बांधने जैसे उपायों से बचें। जल्द से जल्द चिकित्सकीय सहायता लेना सबसे महत्वपूर्ण है।

दूरस्थ गडचिरोली में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का महत्व उजागर

हेडरी स्थित लॉयड्स काली अम्माल मेमोरियल अस्पताल में महिला का सफल उपचार दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता को रेखांकित करता है। खेतों और जंगलों के आसपास काम करने वाले लोगों के लिए सर्पदंश एक गंभीर खतरा बना रहता है। ऐसी परिस्थितियों में परिजनों की जागरूकता, समय पर अस्पताल पहुंचने का निर्णय, गंभीर लक्षणों की शीघ्र पहचान और प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम की उपलब्धता मरीज की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

34 वर्षीय महिला का स्वस्थ होकर घर लौटना समय पर चिकित्सा सहायता और समर्पित उपचार का महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह घटना ग्रामीण नागरिकों को सर्पदंश के प्रति जागरूक रहने और किसी भी आपात स्थिति में बिना देरी किए योग्य चिकित्सकीय सहायता लेने का संदेश देती है।

रिपोर्टर - संजय यमसलवार 
 

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