कृषि उत्पन्न बाजार समिति के उपसभापति सतीशभाऊ गंजीवार ने तेलंगाना विधानसभा में मुद्दा उठाने की मांग की
गडचिरोली : तेलंगाना सरकार द्वारा गोदावरी नदी पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मेडीगट्टा (लक्ष्मी) बैराज के बैकवॉटर से गडचिरोली जिले के सिरोंचा तहसील के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले चार वर्षों से लगातार उत्पन्न हो रही बाढ़ की स्थिति के कारण हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की फसलें पानी में डूब रही हैं, जिससे किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं। आज तेलंगाना के पूर्व मंत्री तथा वर्तमान विधायक प्रशांत रेड्डी मेडीगट्टा बैराज के निरीक्षण दौरे पर पहुंचे। इस दौरान सिरोंचा कृषि उत्पन्न बाजार समिति के उपसभापति सतीशभाऊ गंजीवार ने किसानों की इस गंभीर समस्या को उनके सामने रखते हुए तेलंगाना विधानसभा में मुद्दा उठाने की मांग की।
इस अवसर पर कृषि उत्पन्न बाजार समिति सिरोंचा के सभापति मधुकर कोल्लूरी, संचालक रविभाऊ राल्लाबडीवार, फाजील पाशा, चिलकामारी सत्यनारायण, विजय तोटा, देवा येगानंदूला, पडला मालन्न सहित अन्य उपस्थित थे।
पिछले चार वर्षों से बाढ़ की मार
गोदावरी नदी पर निर्मित इस विशाल बैराज के कारण बरसात के मौसम में पानी का उचित निकास नहीं होने से सिरोंचा तहसील में बड़े पैमाने पर बैकवॉटर जमा हो जाता है। इसके चलते भामरागड, भेजी, मरेगड्डा और रेगुंठा क्षेत्र के अनेक गांवों में हर साल बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि में फसलें पानी में डूब जाने से किसानों को हर साल करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है। लगातार नुकसान झेल रहे किसानों को अब तक शासन की ओर से अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई है।
महाराष्ट्र के मुख्य सचिव भी कर चुके हैं निरीक्षण
इस गंभीर समस्या को देखते हुए हाल ही में महाराष्ट्र राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी मेडीगट्टा बैराज का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया था। इस दौरान महाराष्ट्र, विशेषकर सिरोंचा क्षेत्र के किसानों को बाढ़ के खतरे से सुरक्षित रखने तथा बैकवॉटर के प्रभाव को कम करने के उपायों पर संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई थी।
तेलंगाना प्रशासन से ठोस निर्णय की उम्मीद
मुख्य सचिव के निरीक्षण के बाद आज तेलंगाना के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक प्रशांत रेड्डी ने भी बैराज का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उपसभापति सतीशभाऊ गंजीवार ने उन्हें क्षेत्र की वास्तविक स्थिति से अवगत कराते हुए मांग की कि बैराज के दरवाजों को उचित समय पर और नियोजित तरीके से खोला जाए, बैकवॉटर के प्रभाव को कम किया जाए तथा सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों को राहत देने के लिए महाराष्ट्र और तेलंगाना सरकार संयुक्त रूप से ठोस उपाययोजना करे।
अब तेलंगाना सरकार और महाराष्ट्र शासन इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं, इस पर सिरोंचा तहसील के किसानों की निगाहें टिकी हुई हैं। किसानों को उम्मीद है कि दोनों राज्यों के समन्वय से जल्द ही स्थायी समाधान निकलेगा और बाढ़ से होने वाले नुकसान से उन्हें राहत मिलेगी।
रिपोर्टर - चंद्रशेखर पुलगम

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