गमले में ऐसे उगाएं गाजर, जानिए मिट्टी से लेकर सिंचाई तक का पूरा तरीका

घर की बालकनी, छत या छोटे से किचन गार्डन में सब्जियां उगाने का चलन इन दिनों तेजी से बढ़ रहा है। खासकर सर्दियों का मौसम शुरू होते ही लोग अपने घर में हरी सब्जियों के साथ-साथ गाजर, मूली और पालक जैसी सब्जियां भी उगाना पसंद करते हैं। सर्दियों की लोकप्रिय सब्जियों में शामिल गाजर को आप बिना ज्यादा मेहनत के गमले में भी उगा सकते हैं। घर पर उगाई गई ताजी और कुरकुरी गाजर का स्वाद बाजार से मिलने वाली गाजर से काफी अलग होता है। अगर आप भी अपने घर में गाजर उगाने की तैयारी कर रहे हैं, तो मिट्टी तैयार करने से लेकर बीज बोने और पौधों की देखभाल तक कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा।

गाजर उगाने के लिए कैसी होनी चाहिए मिट्टी?

गाजर एक जड़ वाली सब्जी है, जिसका खाने योग्य हिस्सा मिट्टी के अंदर विकसित होता है। इसलिए इसकी खेती के लिए ऐसी मिट्टी जरूरी होती है जो हल्की, नरम, भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली हो। अगर मिट्टी बहुत ज्यादा सख्त या उसमें पत्थर और कंकड़ होंगे, तो गाजर की जड़ को नीचे बढ़ने में परेशानी हो सकती है और उसका आकार छोटा या टेढ़ा-मेढ़ा रह सकता है। गमले में गाजर उगाने के लिए आप 50 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट और 20 प्रतिशत रेत को मिलाकर मिट्टी तैयार कर सकते हैं। रेत मिलाने से मिट्टी ज्यादा भुरभुरी रहती है और अतिरिक्त पानी आसानी से निकल जाता है। ध्यान रखें कि तैयार मिट्टी में बड़े कंकड़-पत्थर या कठोर मिट्टी के ढेले न हों।

गाजर के लिए कैसा गमला चुनें?

गाजर की जड़ मिट्टी के अंदर नीचे की ओर बढ़ती है, इसलिए इसके लिए पर्याप्त गहराई वाला गमला जरूरी है। बहुत छोटे या कम गहराई वाले गमले में गाजर की जड़ ठीक से विकसित नहीं हो पाएगी। गाजर लगाने के लिए कम से कम 12 से 15 इंच गहरा गमला, ग्रो बैग या चौड़ा प्लास्टिक का टब इस्तेमाल किया जा सकता है। गमला चुनते समय यह जरूर जांच लें कि उसके निचले हिस्से में पानी बाहर निकलने के लिए पर्याप्त ड्रेनेज होल मौजूद हों। गमले में लंबे समय तक पानी जमा रहने से जड़ों के खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।

गाजर के बीज बोने का सही तरीका

गाजर को आमतौर पर उसी गमले में सीधे बोया जाता है, जिसमें उसे बड़ा करना होता है। इसके लिए अच्छी गुणवत्ता और भरोसेमंद किस्म के बीज चुनें। बीज बोने से पहले गमले की मिट्टी को हल्का नम कर लें। इसके बाद मिट्टी की ऊपरी सतह पर करीब आधा सेंटीमीटर गहरी हल्की लाइन बनाएं। इन लाइनों में बीजों को थोड़ी-थोड़ी दूरी पर डालें। बीजों को बहुत गहराई में दबाने से उनके अंकुरण में परेशानी हो सकती है। बीज डालने के बाद उनके ऊपर बारीक मिट्टी या कोकोपीट की बहुत पतली परत डाल दें। इसके बाद हाथ से हल्का दबाएं और स्प्रे बोतल या हल्की धार वाली वाटरिंग कैन से पानी दें। इस दौरान तेज धार से पानी डालने से बचें, क्योंकि इससे बीज अपनी जगह से हट सकते हैं।

गाजर के पौधों के लिए कितनी धूप जरूरी है?

बीज बोने के बाद सामान्य परिस्थितियों में करीब 7 से 10 दिनों के भीतर छोटे पौधे दिखाई देने लग सकते हैं। अच्छी ग्रोथ के लिए गाजर के पौधों को पर्याप्त रोशनी और धूप की जरूरत होती है। इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें, जहां पौधों को रोजाना करीब 6 से 8 घंटे अच्छी धूप मिल सके। पर्याप्त धूप मिलने से पौधों की पत्तियों का विकास बेहतर होता है और जड़ के विकास के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं।

गाजर के पौधों में पानी कब और कितना दें?

गाजर के पौधों को नियमित नमी की जरूरत होती है, लेकिन मिट्टी में पानी जमा नहीं होना चाहिए। पानी देने से पहले मिट्टी की ऊपरी सतह को देखकर उसकी नमी जांच लें। अगर मिट्टी सूखी महसूस हो रही है, तभी हल्का पानी दें। खासकर बीज बोने के शुरुआती दिनों में मिट्टी को पूरी तरह सूखने न दें। हालांकि जरूरत से ज्यादा पानी देने से भी बचें, क्योंकि लगातार गीली मिट्टी जड़ों के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

पौधे बड़े होने पर करें जरूरी देखभाल

जब गमले में कई पौधे एक साथ उग जाएं और वे बहुत पास-पास दिखाई दें, तो जरूरत के अनुसार कमजोर पौधों को हटाकर बाकी पौधों के बीच पर्याप्त जगह बना दें। इससे बची हुई गाजर की जड़ों को मिट्टी के अंदर फैलने के लिए पर्याप्त स्थान मिलेगा। गमले की मिट्टी में समय-समय पर हल्की गुड़ाई भी कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करते समय गाजर की जड़ों को नुकसान न पहुंचे इसका ध्यान रखें। अगर पौधों की पत्तियां स्वस्थ दिखाई दे रही हैं और मिट्टी में पर्याप्त जैविक खाद मौजूद है, तो बार-बार खाद डालने की जरूरत नहीं होती।

कब तैयार हो जाती है गाजर?

गाजर की तैयार होने की अवधि उसकी किस्म, मौसम और बढ़ने वाली परिस्थितियों पर निर्भर करती है। जब गाजर की जड़ पर्याप्त आकार की हो जाए और उसका ऊपरी हिस्सा मिट्टी की सतह के पास दिखाई देने लगे, तो उसे निकालने के लिए जांचा जा सकता है। गाजर निकालते समय मिट्टी को पहले हल्का नम कर लें। इसके बाद पत्तियों को पकड़कर धीरे-धीरे गाजर को बाहर निकालें। इस तरह आप घर की बालकनी या छत पर ताजी और स्वादिष्ट गाजर उगा सकते हैं।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.