क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा पर लगाया जा रहा झूठा आरोप क्षेत्राधिकारी ने जाम के बीच से पार कराया था एम्बुलेंस

गाजीपुर - जिले के भुड़कुड़ा क्षेत्राधिकारी अपने कर्तव्य निष्ठा के लिए क्षेत्र में जाने जाते हैं।उनके बारे में ऐसा कहा जाता है कि वह हर फरियादी को सहायता करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। यही तत्परता आज उनके लिए परेशानी का सबब बन रही है। बता दें कि एक सितंबर 2026 को क्षेत्राधिकारी भुड़कुंड़ा गाजीपुर की तरफ से आ रहे थे कि चौकिया मोड़ पर जाम लगा हुआ था और उस जाम में एक एंबुलेंस ,जिसमें की मरीज था ,फंसी हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा ने जाम के बीच एंबुलेंस फंसी देखी तो उन्होंने एंबुलेंस को निकलवाने के लिए तत्परता दिखाई ।लेकिन इसी बीच एक दुकान की सामने बोलोरो,टेंपो और ट्रैक्टर आदि खड़े होने की वजह से जाम को खुलवाने में परेशानी हो रही थी।इस पर वह दुकान के सामने जाकर ट्रैक्टर, बोलेरो, टैम्पो आदि खड़े वाहनों को हटवाने लगे कि अचानक दुकान की मालकिन रेखा देवी एवं उसका पति मंगल सिंह कुशवाहा क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा पर भड़क उठे।वहां पर खड़े पुलिस एवं इंस्पेक्टर को अनाप-शनाप बोलने लगे। हालांकि इन सब के बीच सीओ भुड़कुड़ा और पुलिस एंबुलेंस को रास्ता पार करने में लगी रही लेकिन पानी सर के ऊपर होने पर सीओ साहब ने उसे डांट दिया ।बस इसी बात को उस महिला ने तिल का ताड़ बनाकर यहां - वहां शिकायत करना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मंगल सिंह कुशवाहा की दुकान के सामने अक्सर गाड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है जिसकी वजह से चौकिया मोड़ पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। अब प्रश्न यह उठता है कि क्या एंबुलेंस को पार कराना सीओ साहब की गलती थी? क्या उस एंबुलेंस में पड़े मरीज को उसी के हाल पर छोड़ देना चाहिए था? क्या उस महिला के डर से सीओ साहब को भी अपना रास्ता बदल लेना चाहिए था? अगर स्थितियां ऐसी ही जटिल रही तो ईमानदार अधिकारी भी अपने कर्तव्यनिष्ठा से मुंह मोड़ना शुरू कर देंगे और अराजक तत्वों का हौसला बढ़ता चला जाएगा।

रिपोर्टर - हसन

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