जिला समन्वय एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक

गांधीनगर : गांधीनगर जिला समन्वय एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक जिला कलेक्टर श्री मेहुल के. दवे की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के कॉन्फ्रेंस कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न समन्वय समिति सदस्यों की उपस्थिति रही।  बैठक का उद्घाटन जिले के रेजिडेंट अतिरिक्त कलेक्टर श्री ई/सी अर्जुन सिंह वंजारा ने समन्वय समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए किया। जिसमें भाग-1 में पदाधिकारियों की ओर से प्राप्त प्रश्नों पर चर्चा हुई तथा भाग-2 में समन्वय समिति के नियमित मुद्दों पेंशन नकद, तालुका व जिला स्वागत कार्यक्रम, आपदा प्रबंधन आदि पर अध्यक्ष ने आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। बैठक में भाग-2 के अंतर्गत कलेक्टर द्वारा किए गए ग्राम भ्रमण के दौरान ग्रामीणों द्वारा उठाए गए प्रश्नों तथा उन पर संबंधित विभाग द्वारा किए गए कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।   

इस दौरान करुणा एम्बुलेंस, जिला सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा रेडियम रिफ्लेक्टर लगाने का कार्य, बाल श्रम के तहत कार्य, समर्थन मूल्य पर खरीद, आयुष्मान भारत के तहत जिले में चल रहे कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना, अनुसूचित जाति कल्याण समिति के कार्य, प्राकृतिक खेती, तथा आगामी दिनों में शुरू होने वाले शाला प्रवेशोत्सव एवं वृक्षारोपण पर भी चर्चा की गई।

कलेक्टर श्री गांधीनगर मेहुल के. दवे ने वृक्षारोपण पर अधिक जोर देते हुए कहा कि, "यदि हमें अपना कल बेहतर बनाना है तो हमें आज ही वृक्ष लगाने होंगे।" इसलिए प्रत्येक कर्मचारी और अधिकारी को वृक्षारोपण में भाग लेने और न केवल पेड़ लगाने बल्कि उनके पूर्ण रखरखाव की जिम्मेदारी लेने का आग्रह करते हुए, कलेक्टर ने गांधीनगर जिले में अधिक से अधिक वृक्षारोपण के लिए आवश्यक सुझाव दिए। साथ ही वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण के लिए की गई तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने सीएचसी और पीएचसी केंद्रों की सीमाओं पर अधिक पेड़ लगाने, हरित दीवारें बनाने और चारागाह भूमि पर पेड़ लगाने का विचार भी प्रस्तावित किया।

साथ ही उन्होंने उपस्थित सभी कर्मचारियों का जिक्र करते हुए कहा कि इस बैठक में उपस्थित सभी अधिकारी एक 'अर्क' हैं। किसी भी दर्द की दवा बनाने से पहले उसका अर्थ तैयार कर लेना चाहिए। बैठक में उपस्थित हम सभी अधिकारी एवं कर्मचारीगण नागरिकों की समस्याओं एवं कठिनाइयों का समाधान करने वाली औषधि के 'अर्क' हैं, इसलिए हम सब जिम्मेदारी से कार्य करें। इसके अलावा, कलेक्टर ने अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले कार्यालयों में संबंधित अधिकारियों के आकस्मिक दौरे के माध्यम से नागरिकों की राय लेने तथा सेवाओं एवं व्यवस्थाओं में सुधार के लिए राय के आधार पर उनका मूल्यांकन करने पर भी जोर दिया। बैठक में समन्वय समिति के विभिन्न सदस्य एवं संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

रिपोर्टर : अमित पटेल

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