मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 51 टू-व्हीलर मोबाइल हेल्थ यूनिट तथा 9 नई मोबाइल हेल्थ यूनिट को फ्लैग ऑफ करवाया
गांधीनगर - मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को राज्य के आदिजाति क्षेत्रों में सुदूरवर्ती व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को अधिक सरल और तेज बनाने के लिए राज्य में पहली बार 51 टू-व्हीलर मोबाइल हेल्थ यूनिट्स का शुभारंभ करवाया मुख्यमंत्री ने उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी तथा स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया की उपस्थिति में गांधीनगर से इन 51 टू-व्हीलर मोबाइल हेल्थ यूनिट और 9 नई मोबाइल हेल्थ वैन यूनिट को फ्लैग ऑफ कर 14 जिलों के लिए रवाना किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने होलिस्टिक हेल्थकेयर का जो दृष्टिकोण देश में अपनाया है; उसे मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में साकार करने के उद्देश्य से राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने आदिजाति तथा दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को उनके घर के निकट गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए यह महत्वपूर्ण पहल की है। 51 टू-व्हीलर मोबाइल हेल्थ यूनिट और 9 नई मोबाइल हेल्थ यूनिट सेवाओं का मुख्य उद्देश्य दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को समय पर और सहज रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कराना है। राज्य के उन दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में, जहां स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फोर-व्हीलर वाहन नहीं पहुंच सकते, वहां आपातकालीन अथवा आवश्यकता के समय स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए इन 51 टू-व्हीलर मोबाइल हेल्थ यूनिट को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इन यूनिट्स में आवश्यक दवाओं तथा प्राथमिक चिकित्सा उपकरणों से युक्त मेडिकल बॉक्स की सुविधाएं होंगी। इतना ही नहीं; डिजिटल बीपी मशीन, स्टेथोकोप, ग्लूकोमीटर, क्लिनिकल थर्मामीटर, हीमोग्लोबिन मीटर, नी-हैमर, नीडल कटर, इंस्ट्रूमेंट ट्रे, टॉर्च सहित आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध होंगे। साथ ही निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटल डेटा एंट्री को सीएम डैशबोर्ड के साथ संकलित किया गया है। इन नई सेवाओं से आदिजाति समुदाय को अनेक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होंगे। गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा सकेगी तथा आवश्यक मार्गदर्शन और उपचार उपलब्ध होने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में सफलता मिलेगी; कुल मिलाकर माता और शिशु के स्वास्थ्य में सुधार होगा। इस नई पहल से समय पर निदान, उपचार तथा विशेषज्ञ चिकित्सा के लिए त्वरित रेफरल सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, मलेरिया तथा मूत्र संबंधी प्राथमिक जांचें ग्रामीण स्तर पर ही की जा सकेंगी। रोगों की प्रारंभिक पहचान और समय पर उपचार संभव हो सकेगा। इसके अतिरिक्त गंभीर अथवा विशेष उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों को निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में समय पर रेफर किया जाएगा, जिससे उन्हें उचित उपचार प्राप्त करने में सरलता होगी।
इस सेवा के अंतर्गत किशोरियों तथा महिलाओं के विशेष देखभाल के लिए एनीमिया, पोषण, किशोर स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण संबंधी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। इससे स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
हेल्थ अवेयरनेस अंतर्गत एचआईवी/एड्स, तंबाकूजनित रोगों, संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ-साथ सरकार की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
इन यूनिट्स के द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी), चिकित्सा अधिकारियों द्वारा निर्धारित रिपोर्टिंग तथा तहसील, जिला एवं राज्य स्तर पर जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग स्थानीय स्तर से ही की जा सकेगी।
नई लोकार्पित की गई इन 51 टू-व्हीलर मोबाइल हेल्थ यूनिट्स और 9 नई मोबाइल हेल्थ यूनिट्स द्वारा आदिजाति एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं घर के निकट उपलब्ध होंगी, जिससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘हेल्थ केयर फॉर ऑल’ का संकल्प साकार होगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के दिशानिर्देश में गुजरात सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम ग्रामीण और आदिजाति समाज के जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ-साथ प्रधानमंत्री के ‘लास्ट माइल सर्विस डिलीवरी’ के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएगा तथा स्वास्थ्य कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। मोबाइल यूनिट्स प्रस्थान के इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री राजीव टोपनो, मुख्यमंत्री के अपर प्रमुख सचिव डॉ. विक्रांत पांडे, स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. रतन चारण गढवी, अपर निदेशक डॉ. नीलम पटेल तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्टर - राकेश शाह
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