रक्षाबंधन पर बहन ने निभाई रक्षा की परंपरा : अंतिम विदाई पर गुप्त अंगदान कर 4 मरीजों को दिया 'जीवनदान'
गांधीनगर : रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर अहमदाबाद सिविल अस्पताल में एक अत्यंत हृदयस्पर्शी और प्रेरणादायी घटना सामने आई है। ब्रेन हेमरेज के बाद ब्रेनडेड घोषित की गई 41 वर्षीय महिला के परिवार ने दुःख की घड़ी में भी अपार हिम्मत दिखाते हुए गुप्त अंगदान करने का नेक निर्णय लिया। इस महादान से प्राप्त हुए एक हृदय, एक लीवर और दो किडनियों के जरिए चार मरीजों को नवजीवन मिला है, जो उनके परिवारों के लिए आशा की नई किरण बना है।
घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने कहा कि 41 वर्षीय महिला को गंभीर ब्रेन हेमरेज होने के कारण सिविल अस्पताल के आईसीयू में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के गहन उपचार के बावजूद गत 27 अगस्त को उन्हें ब्रेनडेड घोषित किया गया। इसके बाद सिविल अस्पताल की अंगदान टीम के डॉ. निमेश देसाई ने परिवारजनों को अंगदान के महत्व के बारे में समझाया, जिसके बाद शोकग्रस्त परिवार ने सहर्ष सहमति दी।
डॉ. राकेश जोशी ने आगे कहा कि रक्षाबंधन के पावन पर्व पर एक बहन के अंगदान से चार परिवारों में खुशियों की नई सुबह हुई है। अंगदान केवल अंगों का दान नहीं है, बल्कि किसी के निराश जीवन में आशा और मुस्कुराहट लाने का श्रेष्ठ महादान है।
इस गुप्त अंगदान से प्राप्त हृदय को यू.एन. मेहता अस्पताल में उपचार ले रहे जरूरतमंद मरीज में प्रत्यारोपित किया जाएगा। वहीं एक लीवर और दोनों किडनी आईकेडीआरसी अस्पताल में भर्ती मरीजों में प्रत्यारोपित की जाएँगी।
अहमदाबाद सिविल अस्पताल की इस सफल मुहिम से अब तक कुल 252 अंगदाताओं से 466 किडनी, 226 लीवर, 80 हृदय, 34 फेफड़े, 21 अग्न्याशय, 6 हाथ और 2 छोटी आँत सहित कुल 835 अंग प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा; 200 आँखें तथा 48 त्वचा (स्किन) सहित 248 ऊतकों का भी दान प्राप्त हुआ है। इस प्रकार; सिविल अस्पताल में अब तक कुल 1,083 अंगों और ऊतकों का दान प्राप्त हो चुका है।
रिपोर्टर : राकेश शाह
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