गणेश चतुर्थी पर भूलकर भी न देखें चांद! वरना लग सकता है झूठा कलंक, जानें क्या है मान्यता
हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने के साथ कई विशेष नियमों का पालन करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन करना शुभ नहीं माना जाता। इसी वजह से इस तिथि को कई स्थानों पर ‘कलंक चतुर्थी’ के नाम से भी जाना जाता है।
मान्यता है कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखने से व्यक्ति पर झूठा आरोप या कलंक लग सकता है। इसलिए इस दिन चंद्र दर्शन से बचने की सलाह दी जाती है।
क्यों नहीं करना चाहिए चंद्र दर्शन?

पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान गणेश को देखकर चंद्रदेव को अपने रूप और सौंदर्य पर अहंकार हो गया। उन्होंने भगवान गणेश का उपहास किया। चंद्रदेव के इस व्यवहार से भगवान गणेश क्रोधित हो गए और उन्होंने चंद्रमा को श्राप दिया कि जो व्यक्ति उन्हें भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन देखेगा, उस पर झूठा कलंक लग सकता है।
बाद में चंद्रदेव ने भगवान गणेश से क्षमा मांगी। भगवान गणेश ने अपना श्राप पूरी तरह समाप्त तो नहीं किया, लेकिन उसके प्रभाव को सीमित कर दिया। तभी से गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन को अशुभ माना जाने लगा।
चंद्रमा देखने से क्या होता है?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, गणेश चतुर्थी की रात चंद्रमा को देखने वाले व्यक्ति को झूठे आरोप, अपमान या किसी प्रकार के कलंक का सामना करना पड़ सकता है। इसी कारण इस दिन श्रद्धालु विशेष सावधानी रखते हैं और चंद्र दर्शन करने से बचते हैं।
हालांकि, यह धार्मिक मान्यता और पौराणिक कथा पर आधारित परंपरा है। इसे वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
अगर गलती से चंद्र दर्शन हो जाए तो क्या करें?

यदि गणेश चतुर्थी के दिन भूलवश चंद्रमा दिखाई दे जाए, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। धार्मिक मान्यताओं में इसके लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। भगवान गणेश की पूजा करके उनसे क्षमा प्रार्थना की जाती है। इसके अलावा स्यमंतक मणि की कथा का श्रवण या पाठ करने की परंपरा भी बताई गई है।
कुछ परंपराओं में भगवान गणेश के मंत्रों का जाप और उनकी विधिवत पूजा करने को भी दोष निवारण का उपाय माना जाता है।
कब से कब तक नहीं देखना चाहिए चंद्रमा?

चंद्र दर्शन से बचने का समय हर वर्ष तिथि और स्थान के अनुसार बदल सकता है। इसलिए गणेश चतुर्थी के दिन स्थानीय पंचांग के अनुसार चंद्र दर्शन निषेध का समय देखना उचित माना जाता है।
गणेश जी की पूजा से दूर होता है संकट
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित प्रमुख पर्व है। इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने, उन्हें दूर्वा और मोदक अर्पित करने तथा गणेश मंत्रों का जाप करने की परंपरा है। मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्नों को दूर करते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
इसलिए कलंक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन से बचते हुए श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश की आराधना करनी चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से व्यक्ति पर भगवान गणेश की कृपा बनी रहती है और जीवन के विघ्न दूर होते हैं।
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