योगाचार्य के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं ने किया सूर्य नमस्कार l
गंजबासौदा - योग चित्त की वृतियों से मुक्त होने का अध्यात्म विज्ञान है। यदि साधक अकेला सूर्य नमस्कार को दिनचर्या का अंग बना ले, तो वह शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर परमात्मा स्वरूप हो जाता है। योग और मंत्र जाप की शक्ति से नरेन्द्र विवेकानंद बन सके। यह बात स्थानीय सैंट एस.आर.एस. पब्लिक हायर सैकेंडरी स्कूल की राष्ट्रीय सेवा योजना की बालक/बालिका इकाई द्वारा आयोजित स्वामी विवेकानंद जयंती के तहत युवा सप्ताह सेवा श्रम कार्यक्रम में योगाचार्य महेन्द्र सिंह रघुवंशी ने संस्था के छात्र-छात्राओं से कही। संस्था डायरेक्टर के.एस. यादव ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य ही बालक का शारीरिक, मानसिक, आत्मिक और चारित्रिक विकास करना है। संस्था द्वारा संत श्रीराम शर्मा आचार्य के आदर्श वाक्य- "व्यक्ति के निर्माण से युग का निर्माण " करने की प्रक्रिया को निभाया जा रहा है। सोमवार इसी क्रम में योगाचार्य रघुवंशी के मार्ग दर्शन में एवं कार्यक्रम अधिकारी कृष्णपाल सिंह चौहान एवं बालिका इकाई प्रभारी रजनी गुप्ता के निर्देशन में स्वयंसेवकों द्वारा सामूहिक सूर्य नमस्कार, आसन और प्राणायाम का अभ्यास किया। सेवा के स्वच्छता अभियान अन्तर्गत स्कूल परिसर में पॉलीथिन उन्मूलन और सफाई अभियान चलाया और बाटिका निर्माण जैसे कार्यक्रम संपन्न कराए गए एवं शिक्षक परिवार ने युवा दिवस के अवसर पर सूर्य नमस्कार का सामूहिक रूप से अभ्यास किया।
रिपोर्टर - हेमंत आनंद
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