महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन का प्रयास? गरियाबंद में कांग्रेस का भाजपा पर तीखा हमला
गरियाबंद - जिले में आयोजित एक आधिकारिक पत्रकार वार्ता में कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर वास्तव में परिसीमन (Delimitation) का “राजनीतिक खेल” खेल रही है, जिसका उद्देश्य सीटों के गणित को अपने पक्ष में मोड़ना है। कांग्रेस के अनुसार,नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पहले ही कानून बन चुका है, इसलिए 16 अप्रैल 2026 को पेश किया गया,131वां संविधान संशोधन विधेयक महिला सशक्तिकरण से अधिक सीटों के पुनर्गठन से जुड़ा हुआ था। पार्टी का दावा है कि इस विधेयक के जरिए लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित थीं।
विवाद का एक प्रमुख कारण परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाए जाने का प्रस्ताव भी रहा। कांग्रेस ने इसे “पुराने आंकड़ों पर आधारित अनुचित कदम” बताते हुए कहा कि जब 2026-27 की नई जनगणना प्रस्तावित है और जाति जनगणना की मांग भी जोर पकड़ रही है, तब पुराने डेटा पर सीटों का पुनर्गठन तर्कसंगत नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने के बजाय इसे 2036 तक टालने की रणनीति अपना रही है, जबकि आवश्यक संशोधन कर इसे जल्द लागू किया जा सकता था। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने दावा किया कि विपक्षी दलों की एकजुटता के कारण यह विधेयक सदन में पारित नहीं हो सका। पार्टी ने भाजपा के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि असली मकसद महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ हासिल करना था।
साथ ही कांग्रेस ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपने ऐतिहासिक योगदान को भी रेखांकित किया। पार्टी ने बताया कि पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल कांग्रेस सरकारों ने ही की थी, जिसके परिणामस्वरूप आज देशभर में लाखों महिलाएं निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में सक्रिय हैं। कांग्रेस ने अंत में मांग की कि सरकार महिला आरक्षण को बिना किसी देरी के लागू करे और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पारदर्शिता बनाए रखे।
रिपोर्टर - मनोज गोस्वामी


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