टिकारी में दबंगों का तांडव: घटना के 7 दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर, पीड़ित परिवार खौफ के साए में
गया/टिकारी : गया जिले के टिकारी थाना अंतर्गत बहेलिया बिगहा गांव में बीते 27 अक्टूबर असहाय परिवार पर हुए जानलेवा हमले के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। घटना के एक सप्ताह (7 दिन) बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी रामसेवक महतो (यादव) और उसकी पत्नी पिंकी देवी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। 'बिहार अगेंस्ट करप्शन' संस्था की सक्रिय हस्तक्षेप के बाद यह मामला अब राज्य के उच्च प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच चुका है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 27 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 09:30 बजे बहेलिया बिगहा गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और अवैध आग्नेयास्त्रों से लैस होकर करीब 15 की संख्या में आए उपद्रवियों ने लक्ष्मण शुक्ला के घर पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने घर में अकेली मौजूद खुशबू कुमारी के साथ बदसलूकी की, मर्यादा भंग करने का प्रयास किया और उसके गले से सोने की चेन लूट ली।
बेटी की चीख-पुकार सुनकर जब पिता लक्ष्मण शुक्ला बीच-बचाव करने दौड़े, तो अपराधियों ने उन पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में लक्ष्मण शुक्ला की नाक पर गंभीर चोट (Grievous Injury) आई, जिसके बाद उन्हें अचेत अवस्था में इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (ANMMCH), गया में भर्ती कराया गया।
पुलिस की तफ्तीश और कानूनी अड़चनें
पीड़ित पक्ष की लिखित शिकायत पर टिकारी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कांड संख्या 442/26 दर्ज किया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS),109 2023 की धारा 126(2), 115(2), 117(2), 351(2) और 351(3) जैसी गंभीर और गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं।
स्थानीय सूत्रों और पुलिस विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, कांड के अनुसंधानकर्ता (I.O.) और स्थानीय थाना प्रभारी सही दिशा में विधिक प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। पीड़ित परिवार भी पुलिसिया जांच से संतुष्ट है और पूरा सहयोग कर रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर पुलिस की मुस्तैदी के बावजूद आरोपी अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए?
रसूख और बाहुबल के दम पर फरार हैं आरोपी
ग्राउंड जीरो से मिल रही रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य अभियुक्त रामसेवक महतो और उसके सहयोगी इलाके में काफी रसूखदार और आर्थिक रूप से संपन्न माने जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी सामाजिक और आर्थिक हनक के बल पर वे लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं और पुलिस को चकमा दे रहे हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फरार रहने के बावजूद आरोपी अपने गुर्गों के माध्यम से पीड़ित परिवार और गवाहों पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। अदालत में गवाही देने पर पूरे परिवार को गोलियों से भून देने की खुली धमकी दी जा रही है, जिससे पीड़ित परिवार अपने ही घर में कैद होने को मजबूर है और गहरे मानसिक आघात से गुजर रहा है।
उच्च स्तरीय हस्तक्षेप की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए 'बिहार अगेंस्ट करप्शन' की सदस्या मंजू कुमारी ने बिहार सरकार के गृह विभाग, मगध प्रमंडल के आयुक्त, और गया के DM व SSP से इस मामले में व्यक्तिगत रूप से विधिक संज्ञान (High-Level Cognizance) लेने की गुहार लगाई है। संस्था ने मांग की है कि आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया जाए और पीड़ित परिवार को तत्काल चौबीस घंटे पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
रिपोर्टर : रवींद्रनाथ पांडेय

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