गाजियाबाद सुसाइड केस: सच बढ़े, रहस्य गहराया
गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों की मौत का मामला जितना आगे बढ़ रहा है, उतना ही उलझता जा रहा है। शुरुआती तौर पर इसे ऑनलाइन गेम की लत से जोड़कर देखा गया था, लेकिन अब जांच में सामने आए नए तथ्य कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
पुलिस जांच से यह साफ हुआ है कि तीनों बहनों ने एक साथ छलांग नहीं लगाई। दो बहनों ने हाथ पकड़कर बालकनी से कूदकर जान दी, जबकि तीसरी बहन ने पूजा कक्ष की खिड़की से अलग छलांग लगाई। अगर यह सामूहिक फैसला था, तो अलग-अलग जगह क्यों चुनी गईं—यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
पिता के अनुसार, घटना के वक्त पूरा परिवार सो रहा था और बच्चियां पानी पीने के बहाने उठीं। घर का दरवाजा अंदर से बंद होना भी जांच का अहम बिंदु है। वहीं, उस रात फ्लैट में मौसी की मौजूदगी ने भी जांच को नया मोड़ दिया है, हालांकि पुलिस अभी इसे संदेह के तौर पर नहीं देख रही।
जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों बहनें करीब दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं और ज्यादातर समय मोबाइल व ऑनलाइन दुनिया में ही सिमटी रहती थीं। आपसी भावनात्मक निर्भरता इतनी गहरी थी कि एक का फैसला बाकी दो को भी उसी राह पर ले गया—ऐसा पुलिस को शक है।
ऑनलाइन कोरियन टास्क-बेस्ड गेम, सामाजिक अलगाव और मानसिक स्थिति—इन सभी पहलुओं को जोड़कर पुलिस इस केस की बहुस्तरीय जांच कर रही है। फिलहाल, यह मामला जवाबों से ज्यादा सवाल छोड़ रहा है और सच्चाई तक पहुंचने की राह अभी लंबी है।


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