भारतीय क्रिकेट टीम को सूर्यकुमार के सर्मथकों को लगी हाय

गाजीपुर : भारतीय क्रिकेट टी ट्वेंटी टीम का विश्वकप जितने की खुमारी इतनी जल्दी उतर जाएगी इसकी कल्पना किसी क्रिकेट प्रेमी ने नही की थी। टी ट्वेंटी वर्ल्ड कप के बाद सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाकर टीम से बाहर करने के फैसले पर फैंस काफी निराश हैं। उनके जाने के बाद टीम इंडिया को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में लगातार हार का सामना करना पड़ा है। चार साल बाद टी ट्वेंटी की वैश्विक बादशाहत भी खत्म हो गयी। फैंस को भारतीय टीम में आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार नेतृत्व क्षमता की कमी साफ खल रही है। सूर्यकुमार यादव के गांव हथौड़ा में बीसीसीआई के इस निर्णय से लोगों में आक्रोश है। अक्सर टी ट्वेंटी मैच के दिनों में सूर्यकुमार यादव के घर सुर्या के प्रशंसकों की भारी भीड़ लगी रहती थी। आजकल दादा विक्रमा और राममूरत यादव अकेले ही बैठकर मैच देखते है। ग्रामीणों का कहना है कि हमारे सुर्या को टीम से बाहर किये जाने से भारतीय टी ट्वेंटी टीम को हमलोगों का हाय लगा है। जिससे भारतीय टी ट्वेंटी क्रिकेट टीम उबर नही पा रही है। सूर्यकुमार यादव को टीम से निकाले जाने के बाद बहुत से स्थानीय क्रिकेट प्रशंसकों ने टी ट्वेंटी मैच ही देखना ही छोड़ दिया है। अपनी कप्तानी में सूर्यकुमार यादव का मैच में तुरंत सही निर्णय लेने के साथ ही मध्यक्रम में आकर तेजी से रन बनाना और मैच का रुख पलटना उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। कठिन परिस्थितियों में सुर्या की बल्लेबाजी टीम की जीत की नींव बनती थी। जिसकी कमी मौजूदा टीम को भारी पड़ रही है। जिपं सदस्य कमलेश राय ने कहा कि आईपीएल का सनसनी बिहारी सूर्यवंशी विदेशी धरती पर फ्लॉप साबित हुआ है। इस खिलाड़ी को उसे परिपक्व होने से पूर्व ही टीम में शामिल करने की जल्दबाजी ने वैभव के आत्मविश्वास को तोड़ने का काम करेगा। भारतीय सपाट पिचों के सिक्सर किंग को इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका की पिचों पर असली परीक्षा देना अभी बाकी है। सूर्यकुमार के चाचा राजकपूर ने बीसीसीआई से अनुरोध किया है कि अपने निर्णय में बदलाव कर सूर्यकुमार को दुबारा टी ट्वेंटी टीम का नेतृत्व दें। जिससे आगामी टी ट्वेंटी सीरीज और कई आईसीसी टूर्नामेंट की ट्रॉफियां भारत की झोली में आये।
रिपोर्टर : गोविन्द कुमार

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