पिपरौली चौकी क्षेत्र में गांजा तस्करी के साथ अवैध होटलों में चल रहे अनैतिक धंधों पर लगाम लगाने में पुलिस नाकाम
गाजीपुर - पिपरौली चौकी क्षेत्र में कथित गांजा तस्करी के साथ अवैध होटलों में अनैतिक गोरख धंधों को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि गांजा बेचने के मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी होती है, उन्हें जेल भेजा जाता है, कुछ दिनों बंद होने के बाद फिर शुरू होना एवं सूत्रो द्वारा जानकारी के अनुसार चौकी क्षेत्र में अवैध होटलों में अनैतिक गोरख धंधों के संचालन को लेकर पुलिस की कार्यवाही पर सवालिया निशान उठ रहा है लेकिन ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर गांजा तस्करी,होटलों में अनैतिक गोरख धंधों के इस कथित नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है? क्या पुलिस की कार्रवाई केवल छोटे स्तर पर गांजा बेचने वालों तक ही सीमित है, या फिर इस कारोबार के पीछे सक्रिय मुख्य तस्करों तक भी जांच की आंच पहुंच रही है?
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित होने के बाद कार्रवाई तो होती है, लेकिन कुछ समय बीतते ही कथित कारोबार दोबारा शुरू होने के आरोप सामने आने लगते हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई है, तो यह पुलिस की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि गांजे के मुख्य कारोबारियों तक पुलिस की पहुंच क्यों नहीं बन पा रही है? क्या इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच हो रही है? आखिर पिपरौली चौकी क्षेत्र में जगह जगह गांजे की बिक्री होने के आरोपों के बावजूद इस पर स्थायी रोक क्यों नहीं लग पा रही है?
अब जरूरत है कि संबंधित पुलिस अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच कराएं, कथित बिक्री स्थलों की निगरानी करें और मुख्य तस्करों की भूमिका सामने लाएं। साथ ही, यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत के प्रमाण मिलते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। फिलहाल बड़ा सवाल यही है—क्या पिपरौली चौकी क्षेत्र में गांजा तस्करी , होटलों में चल रहे अनैतिक गोरख धंधों के कथित कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगेगी, या कार्रवाई के बाद फिर वही स्थिति बनी रहेगी?
रिपोर्टर - हरगोविंद चौबे

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