अदरक की खेती: पूरी गाइड...बुवाई से कटाई तक
अदरक (Zingiber officinale) एक महत्वपूर्ण मसाला और औषधीय फसल है, जिसे भारत में हर राज्य में उगाया जाता है। यह स्वाद और औषधीय गुणों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यदि आप अदरक उत्पादन की खेती करना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी है।
1. भूमि और जलवायु
अदरक को हल्की मिट्टी जिसमें अच्छी जल निकासी हो, सबसे अच्छा लगता है।
मिट्टी रेतीली-दोमट (loamy) या काली मिट्टी उपयुक्त होती है।
pH स्तर: 5.5–6.5 सबसे उपयुक्त।
आदर्श जलवायु उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय है।
वर्षा 1500–3000 मिमी और तापमान 20–30°C आदर्श।
2. बुवाई की तैयारी
बीज/छल्ला (Seed Rhizome): अच्छी गुणवत्ता के स्वस्थ, रोगमुक्त अदरक के टुकड़े (2–3 सेमी बड़े) चुनें।
भूमि की तैयारी: खेत को अच्छी तरह जोतकर मिट्टी को ढीला करें और 25–30 टन/हेक्टेयर गोबर की खाद मिलाएं।
बुवाई का समय:
महाराष्ट्र, कर्नाटक: जून–जुलाई
उत्तर भारत: फरवरी–मार्च
3. बुवाई की तकनीक
बीज टुकड़े को मिट्टी में 5–7 सेमी गहराई में बोएं।
पंक्ति और पंक्ति के बीच 20–25 सेमी दूरी रखें।
पंक्ति में बीज टुकड़ों के बीच 15–20 सेमी दूरी रखें।
4. सिंचाई और पोषण
सिंचाई:
7–10 दिनों पर हल्की सिंचाई, शुष्क मौसम में अधिक।
खाद और उर्वरक:
बुवाई के समय गोबर की खाद मिलाएं।
बढ़वार के दौरान NPK (20:20:20) या जैविक खाद का छिड़काव।
जैविक खेती: यदि जैविक अदरक उगाना है तो गोबर खाद और वर्मी कंपोस्ट का प्रयोग करें।
5. खरपतवार नियंत्रण
बीज बोने के 30–40 दिनों तक नियमित रूप से खरपतवार निकालते रहें।
आवश्यकता अनुसार हल्की झाड़-फूंक करें।
6. रोग और कीट प्रबंधन
साधारण रोग: अदरक पत्ती पीला होना, रूट रॉट।
कीट: अदरक मच्छर और राइज़ोम कीड़े।
रोकथाम के लिए बीज का रोगमुक्त होना, नियमित निरीक्षण और जैविक कीट नियंत्रण महत्वपूर्ण।
7. कटाई और भंडारण
कटाई का समय: बुवाई के 8–10 महीने बाद जब पत्तियां पीली होने लगें।
निकासी: जड़ को खोदकर सावधानीपूर्वक निकालें।
भंडारण:
छाया और ठंडी जगह में रखें।
अदरक को धूप में सुखाने से बचाएं, इससे गुण और ताजगी बनी रहती है।
8. विपणन और आय
अदरक का मूल्य ताजा अदरक और सुखा अदरक के अनुसार अलग होता है।
निर्यात और घरेलू बाजार दोनों में मांग अधिक है।
सही समय पर कटाई और गुणवत्ता सुनिश्चित करने से अधिक लाभ।
अदरक उत्पादन एक लाभकारी व्यवसाय है, यदि सही तकनीक और देखभाल के साथ उगाया जाए।
रोगमुक्त बीज का चुनाव करें। मिट्टी और जलवायु का ध्यान रखें। समय-समय पर खाद, सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण करें। सही समय पर कटाई और भंडारण करें। सही प्रबंधन और तकनीक के साथ अदरक की खेती न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करती है बल्कि अच्छी आय का स्रोत भी बन सकती है।
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