बच्चन प्ले स्कूल, आसेहार का द्वितीय वार्षिक उत्सव धूमधाम से संपन्न

गिरिडीह - पांकी प्रखंड अंतर्गत आसेहार स्थित बच्चन प्ले स्कूल का द्वितीय वार्षिक उत्सव हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ संपन्न हुआ। ग्रामीण परिवेश में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का यह आयोजन साक्षात उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम का शुभारंभ वृंदावन से पधारे मुख्य अतिथि स्वामी रणधीर जी महाराज, आसेहार के उपमुखिया अमित कुमार शर्मा, विद्यालय के निर्देशक कौशल किशोर बच्चन एवं सब्या कुमारी तथा उपस्थित अभिभावकों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरे परिसर में उत्साह और उमंग का वातावरण छा गया। विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों अभिभावकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। अतिथियों का सम्मान और प्रेरक उद्बोधन कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के निर्देशक कौशल किशोर बच्चन ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि स्वामी रणधीर जी महाराज ने कहा कि “शिक्षा ही समाज को सही दिशा देती है और प्रारंभिक शिक्षा बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की मजबूत नींव होती है।” उपमुखिया अमित कुमार शर्मा ने विद्यालय परिवार की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार के शैक्षणिक प्रयास बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही अंधविश्वास जैसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से समाप्त करने का सशक्त माध्यम है।

नशा मुक्ति पर बच्चों का प्रभावी संदेश

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा प्रस्तुत नशा मुक्ति पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम रहा। नन्हें कलाकारों ने गीत, नृत्य एवं नाटक के माध्यम से समाज को नशा छोड़ने का संदेश दिया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों को भावुक कर दिया तथा दर्शकों ने जोरदार तालियों से बच्चों का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय के निर्देशक कौशल किशोर बच्चन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है तो केवल उसे तराशने और उचित मंच प्रदान करने की। उन्होंने बताया कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ संस्कार एवं सामाजिक जागरूकता पर भी विशेष बल देता है।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया। द्वितीय वार्षिक उत्सव ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि पांकी के ग्रामीण परिवेश में भी शिक्षा की मजबूत नींव रखी जा रही है। अंधविश्वास की छाया से निकलकर शिक्षा की रोशनी की ओर बढ़ते ये कदम निश्चित रूप से आने वाले समय में समाज को नई दिशा देंगे।

रिपोर्टर - अमित शर्मा 

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