सरकारी ट्रांसफार्मर से छेड़छाड़ और बिजली कर्मियों से दुर्व्यवहार

गिरिडीह : जमुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत जमुआ-द्वारपहरी रोड पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और बिजली विभाग के कार्य में बाधा डालने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में स्थानीय बिजली विभाग द्वारा जमुआ थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमुआ-द्वारपहरी रोड पर स्थित एक 25 KVA का सरकारी ट्रांसफार्मर तकनीकी खराबी के कारण जल गया था, जिससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। आरोप है कि इसी दौरान स्थानीय निवासी बादल साव (पिता: शंकर साव) ने विभाग को सूचना दिए बिना, एक निजी मिस्त्री कामदेव वर्मा को बुलाकर पास ही लगे दूसरे चालू ट्रांसफार्मर से अवैध रूप से लाइन जोड़ने का प्रयास किया।

बिजली कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की

जब विभाग के लाइनमैन मो. सरफराज आलम मौके पर पहुँचे और इस अवैध कार्य को रोकने की कोशिश की, तो आरोपी बादल साव ने उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की की। आवेदन में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने धमकी दी कि "यदि उसकी लाइन नहीं जलेगी, तो वह किसी और की भी लाइन नहीं जलने देगा।" राजस्व की भारी क्षति इस अवैध हस्तक्षेप और छेड़छाड़ के कारण झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) को लगभग 70,830 रुपये के राजस्व की क्षति होने का अनुमान लगाया गया है। इस घटना से न केवल विभाग को नुकसान पहुँचा है, बल्कि आम जनता को भी बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।

केस दर्ज

बिजली विभाग के आवेदन पर जमुआ पुलिस ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और ऑन-ड्यूटी कर्मियों के साथ बदसलूकी करने के आरोप में  संबंधित धाराओं के तहत103/26 प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही हैं।

रिपोर्टर - आशीष भदानी 

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