सुदिव्य कुमार के निधन से झारखंड ने एक जुझारू एवं जनप्रिय नेता खो दिया : उमाशंकर अकेला.

चौपारण - हजारीबाग झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके निधन की सूचना के बाद बरही के पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला गिरिडीह पहुंचे। उन्होंने दिवंगत मंत्री के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए और पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने कहा कि सुदिव्य कुमार का असमय निधन झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सरल, सहज, मिलनसार एवं संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी थे। वे हमेशा आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते और उनके समाधान के लिए प्रयासरत रहते थे।

उमाशंकर अकेला ने कहा कि “सुदिव्य कुमार ने कम समय में अपनी कार्यशैली और जनसेवा के माध्यम से अलग पहचान बनाई थी। उनका निधन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है। उनके जाने से जो शून्यता उत्पन्न हुई है,

उसे भरना आसान नहीं होगा।”उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार का जनहित के प्रति समर्पण और लोगों के साथ उनका आत्मीय व्यवहार हमेशा याद किया जाएगा। एक युवा एवं सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने समाज और राज्य के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके असमय चले जाने से सभी को गहरा आघात पहुंचा है,पूर्व विधायक ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि परमात्मा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में वे परिवार के साथ खड़े हैं। श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने दिवंगत मंत्री की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

रिपोर्टर - अमित सिंह

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