दस उपवास के बाद आयुषी जैन का पारणा, रांची जैन समाज ने किया सम्मान
डुमरी (गिरिडीह) : दशलक्षण महापर्व के समापन के अवसर पर रांची जैन समाज की ओर से सभागार में व्रतधारी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में ईसरी बाजार निवासी आयुषी जैन, धर्मपत्नी सत्यार्थ जैन को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं अभिनंदन पत्र प्रदान कर उनके कठिन तप की अनुमोदना की गई।
आयुषी जैन ने रांची में रहकर जैन धर्म के पवित्र दशलक्षण महाव्रत की साधना पूर्ण की। बताया गया कि इससे पूर्व वर्ष 2025 में भी उन्होंने लगातार 10 दिनों तक निर्जला उपवास किया था। इस वर्ष भी दस दिनों तक उपवास रखकर उन्होंने तप और आत्मसंयम का परिचय दिया।
दशलक्षण महापर्व के समापन पर परिवारजनों ने विधिवत रूप से उनका पारणा कराया। इस अवसर पर परिवार और समाज के लोगों ने आयुषी जैन के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर आत्मविशुद्धि की मंगलकामना की।
समारोह में उनके तप की सराहना करते हुए कहा गया कि आत्मसंयम, त्याग और साधना के माध्यम से आत्मिक शुद्धि की यह भावना समाज के लिए प्रेरणादायी है।
रिपोर्टर : ऋषभ कुमार

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