सोने की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार की भी चांदी! 3 महीने में ₹10,463 करोड़ का राजस्व

भारत में सोना सिर्फ निवेश का साधन नहीं, बल्कि लोगों की पसंद और परंपरा का भी अहम हिस्सा है। यही वजह है कि देश में सोने और चांदी की मांग हमेशा बनी रहती है। हालांकि, इन कीमती धातुओं के आयात से सरकार को भी बड़ा राजस्व हासिल होता है। हाल ही में संसद में पेश किए गए आंकड़ों से पता चला है कि आयात शुल्क बढ़ाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने तीन महीने से भी कम अवधि में ₹10,463 करोड़ का कस्टम ड्यूटी कलेक्शन किया।

इस दौरान सोने से मिलने वाला राजस्व सबसे अधिक रहा। इसके साथ ही सरकार ने सोने की तस्करी पर कार्रवाई और भारतीय रिजर्व बैंक के गोल्ड रिजर्व से जुड़ी अहम जानकारियां भी संसद में साझा की हैं।

तीन महीने में ₹10,463 करोड़ का राजस्व

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित जवाब के जरिए बताया कि वित्त वर्ष 2026 में 13 मई से 2 अगस्त 2026 के बीच सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं के आयात पर लगाए गए शुल्क से सरकार को कुल ₹10,463 करोड़ प्राप्त हुए।

इस रकम में सबसे बड़ा योगदान सोने और प्लैटिनम से मढ़े सोने के आयात का रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुल कस्टम ड्यूटी कलेक्शन में से ₹10,040 करोड़ इसी श्रेणी से आए।

इससे साफ है कि आयात शुल्क में बदलाव के बाद कीमती धातुओं से सरकारी राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।

बढ़ी ड्यूटी के बीच तस्करी पर भी नजर

सोने पर आयात शुल्क बढ़ाए जाने के साथ ही इसकी अवैध तस्करी रोकने के लिए भी जांच और निगरानी बढ़ाई गई। सरकार के मुताबिक, 13 मई से 30 जून 2026 के बीच सीमा शुल्क विभाग ने अवैध तरीके से देश में लाया जा रहा 160.91 किलोग्राम सोना जब्त किया।

इसी अवधि में कथित तस्करी के मामलों में 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने संसद को बताया कि डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) और कस्टम विभाग तस्करी पर नजर रखने के लिए लगातार सक्रिय हैं और 24 घंटे निगरानी की जा रही है।

भारतीय परिवारों के पास कितना सोना? सरकार के पास आधिकारिक आंकड़ा नहीं

संसद में भारतीय परिवारों के पास मौजूद सोने को लेकर भी सवाल उठाया गया। लोकसभा सांसद माला रॉय ने सरकार से पूछा था कि क्या देश के घरों में रखे सोने की मात्रा का कोई अनुमान या आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध है।

जवाब में वित्त राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारतीय परिवारों के पास अनौपचारिक रूप से रखे गए सोने का कोई आधिकारिक सरकारी डेटाबेस या प्रमाणित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है

यानी घरों में मौजूद सोने की कुल मात्रा को लेकर अलग-अलग अनुमान जरूर सामने आते रहे हैं, लेकिन सरकार के पास इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है।

RBI के पास 880.52 टन फिजिकल गोल्ड

भारतीय रिजर्व बैंक के सोने के भंडार को लेकर भी संसद में स्थिति स्पष्ट की गई। सरकार के मुताबिक, 29 मई 2026 तक RBI के पास विदेशी मुद्रा भंडार के हिस्से के तौर पर 880.52 टन भौतिक सोना मौजूद था।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि RBI ने अपने रिजर्व से सोना बेचने की कोई कार्रवाई नहीं की है। जवाब में कहा गया कि रिजर्व बैंक ने अपने भंडार में मौजूद एक ग्राम सोना भी नहीं बेचा है और इस संबंध में सामने आई बिक्री की खबरों को सरकार ने भ्रामक बताया।

सरकार की कमाई और तस्करी पर सख्ती, दोनों साथ

संसद में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि कीमती धातुओं पर आयात शुल्क से सरकार को बड़ी रकम हासिल हुई है। 13 मई से 2 अगस्त 2026 के बीच ₹10,463 करोड़ का कस्टम ड्यूटी राजस्व दर्ज किया गया, जिसमें ₹10,040 करोड़ सोने और प्लैटिनम से मढ़े सोने से आए।

दूसरी ओर, बढ़ी हुई ड्यूटी के बीच संभावित तस्करी पर भी एजेंसियों की निगरानी जारी है। सरकार के अनुसार, जून 2026 के अंत तक 160.91 किलोग्राम सोना जब्त किया गया और 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

वहीं, RBI के गोल्ड रिजर्व को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसके पास 29 मई 2026 तक 880.52 टन भौतिक सोना था और रिजर्व से सोना बेचने की खबरें सही नहीं हैं।

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