बजट के पहले और बाद आगरा में सोना-चांदी रहा अस्थिर, राहत की उम्मीद अधूरी
कीमतों में वृद्दि न होना ही व्यापारियों के लिए बना आंशिक राहत-
आगरा में आम बजट 2026-27 से पहले और बाद में सोने-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सराफा कारोबारियों को बजट से आयात शुल्क और जीएसटी में कमी की उम्मीद थी, लेकिन सरकार की ओर से किसी तरह की राहत का ऐलान नहीं किया गया। हालांकि, कीमतों में किसी प्रकार की वृद्धि न होने को ही व्यापारियों ने आंशिक राहत माना है।
सोने चांदी की कीमत में गिरावट होने से व्यापारियों को थी बड़ी राहत की आशंका-
बजट से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट और उतार-चढ़ाव के कारण बाजार पूरी तरह अस्थिर बना रहा। हालात ऐसे थे कि रविवार को अवकाश के बावजूद एमसीएक्स खुला रहा और पूरे दिन सराफा कारोबारियों की नजरें बाजार पर टिकी रहीं। महज दो दिनों में चांदी के दाम एक लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक टूट गए, जबकि सोने के भाव में भी करीब 40 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम का अंतर देखने को मिला। इसी कारण बजट से व्यापारियों को बड़ी राहत की उम्मीद थी।
ज्वेलरी सेक्टर की मांगे हैं लंबित-
सराफा व्यापारियों की प्रमुख मांगों में सोने के आयात शुल्क को सात प्रतिशत से घटाना, जीएसटी में कमी और कार्यशील पूंजी के दबाव को कम करना शामिल था, लेकिन बजट में इन मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। आभूषण ज्वेलर्स के निदेशक और इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल के जोनल कमेटी सदस्य आनंद प्रकाश ने कहा कि बजट आर्थिक स्थिरता को मजबूत करता है, लेकिन ज्वेलरी सेक्टर की कई अहम मांगें अब भी लंबित हैं।
ज्वैलरी की कीमत में गिरावट से बढ़ने लगी है ग्राहकों की संख्या-
तनिष्क फ्रेंचाइजी के अनुराग बंसल ने बताया कि कीमतों में हालिया गिरावट के चलते ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। वहीं आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल का कहना है कि यदि आयात शुल्क घटता तो आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलता।
बाजार में फिर से आ सकती है रौनक-
आगरा सराफा मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष बृज मोहन रैपुरिया ने कहा कि चांदी के बढ़ते दामों ने आम लोगों के पारिवारिक आयोजनों को प्रभावित किया था, जिससे खरीद आधे से भी कम रह गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोफिट बुकिंग के बाद अब सोने-चांदी की कीमतों में फिर से तेजी आ सकती है, जिससे बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद है।


No Previous Comments found.